Latest Post

नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें 23 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, लेकिन अगर एग्जिट पोल की मानें, तो आएगा तो मोदी ही। खास बात यह है कि कुछ  एग्जिट पोल में तो भाजपा पिछली बार के अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ रेकॉर्ड (282 सीट) को भी ध्वस्त कर सकती है। उनमें अकेले भाजपा को बहुमत की भविष्यवाणी की गई हैं  और सीटें भी 300 के पार। एग्जिट पोल दिखा रहे हैं कि 2019 में एक बार फिर मोदी मैजिक चल रहा है। साफ संदेश मिल रहा है कि देश में नरेंद्र मोदी निर्विवाद रूप से सबसे  लोकप्रिय नेता हैं।
राष्ट्रवाद के साथ जुड़कर यह मोदी लहर और मजबूत होकर उभरी है। महागठबंधन और अन्य क्षेत्रीय दलों की एकजुटता के बावजूद मोदी का जादू बरकरार दिख रहा है। उनके सामने  विपक्ष का कोई नेता टिकता नजर नहीं आ रहा है। भाजपा के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का अनुमान सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए ) को टाइक्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल   ने 304, न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने 350, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने 339-365 और सी वोटर ने 287 सीटों का अनुमान लगाया है। इसमें भी अगर अकेले भाजपा की बात  करें, तो 2014 के नतीजों की लगभग सटीक भविष्यवाणी करने वाले न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने 300 सीटों का अनुमान लगाया है। इसी तरह, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने  अकेले भाजपा को 293 से 316 सीटों यानी इसका औसत लें, तो 304 सीटों की भविष्यवाणी की है। टाइक्स नाउ- वीएमआर ने अकेले भाजपा को 262 और सी वोटर ने 236 सीटों   की भविष्यवाणी की है। 2014 में भाजपा को 282 और एनडीए को 336 सीटें मिली थीं।

महागठबंधन भी नहीं रोक पाएगा भाजपा का विजय रथ
अकेले भाजपा को 300 या उससे ऊपर सीटों की भविष्यवाणी करने वाले टुडेज चाणक्य और एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक यूपी में एसपी-बीएसपी गठबंधन भाजपा को रोकने में  नाकाम दिख रहा है। एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक यूपी की 80 सीटों में एनडीए को 62- 68 सीटें मिल सकती हैं। इसमें अकेले भाजपा 60-66 और सहयोगी अपना दल को दो  सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को 10-16 और कांग्रेस को 1 से 2 सीटें मिल सकती हैं। इसी तरह टुडे चाणक्य एग्जिट पोल के मुताबिक यूपी में एनडीए को 65 (+-8)  सीटें यानी 57 से लेकर 73 तक सीटें मिल सकती हैं।

मुंबई
स्थिर सरकार बनने की उम्मीद में शेयर बाजार में सोमवार को जमकर खरीदारी हुई। सेंसेक्स 1421.90 अंक की बढ़त के साथ 39,352.67 पर बंद हुआ। यह अब तक का रिकॉर्ड  क्लोजिंग स्तर है। इस तेजी से निवेशकों को 5.33 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 1,51,86,312.05 करोड़ रुपए हो गया, जो  शुक्रवार को 1,46,58,709.68 करोड़ था। सोमवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1482 प्वाइंट के उछाल के साथ 39,412.56 तक पहुंचा। निक्टी की क्लोजिंग 421.10 अंक ऊपर 11,828.25 के रिकॉर्ड (क्लोजिंग) स्तर पर हुई। इंट्रा-डे में 438 प्वाइंट चढ़कर 11,845.20 तक पहुंचा था। रविवार को जारी 10 में से 9 एग्जिट पोल में एनडीए को स्पष्ट बहुमत का  अनुमान जताया गया है। इससे निवेशकों को स्थिर सरकार बनने की उम्मीद है। नतीजे 23 मई को आएंगे। सेंसेक्स के 30 में से 28 और निक्टी के 50 में से 45 शेयर बढ़त के साथ  बंद हुए। एनएसई पर अडानी पोर्ट्स 11 फीसदी और इंडियाबुल्स का शेयर 10.62 फीसदी फायदे में रहा। एनएसई के सभी 11 सेक्टर इंडेक्स बढ़त में रहे।

बाजार में आगे भी तेजी के आसार
विश्लेषक रिलायंस सिक्योरिटीज के हेड (रिसर्च), नवीन कुलकर्णी का कहना है कि एग्जिट पोल बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे। मार्केट में आगे भी तेजी रहने की उम्मीद है।  लेकिन, कंपनियों के तिमाही नतीजे, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर चुनौतियां भी हैं। कुलकर्णी के मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकते  हैं। रुपया 49 पैसे मजबूत डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे मजबूत होकर 69.74 पर बंद हुआ। 18 मार्च के बाद यह एक दिन की सबसे ज्यादा बढ़त है। शुक्रवार को रुपए की  क्लोजिंग 70.23 पर हुई थी।

भोपाल
लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल सामने आने के बाद अब केंद्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने  सीएम कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के अल्पमत में होने का दावा कर दिया है। यही नहीं, भाजपा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिठ्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने की बात कही है। उधर, कमलनाथ ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने दावा किया कि कमलनाथ सरकार अपने आप गिर जाएगी। मैं खरीद-फरोख्त पर यकीन नहीं करता, लेकिन इसका समय आ गया है  और यह जल्द ही होगा। हम विधानसभा सत्र बुलाने के लिए गवर्नर को पत्र भेज रहे हैं। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने हालांकि इस बात से इंकार  किया कि उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कमलनाथ सरकार के शक्ति परीक्षण के लिए की है। भार्गव ने कहा कि छह महीने चुनाव को हो गए हैं। 11 दिसंबर को  राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ था। राज्य में लोग कमलनाथ सरकार से खुश नहीं हैं। चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे भी साफ बता रहे हैं कि कांग्रेस के पास अब जनमत नहीं है।  इस पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। यह संभव है कि सत्र के दौरान स्पीकर से शक्ति परीक्षण की मांग की जाए। वहीं, प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने भाजपा को जवाब देते हुए  कहा कि सरकार मजबूत है, भाजपा दिन में सपने देखा बंद करे। कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि जो संसदीय नियम और प्रक्रिया है, उसके मुताबिक विधानसभा का विशेष  सत्र तभी बुलाया जा सकता है, जब एक निश्चित अनुपात में विधायक यह मांग रखें या फिर मुख्यमंत्री सत्र आहुत करें।

एमपी का सियासी गणित
साल 2018 में हुए विधानसभा  चुनाव में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को शिकस्त देकर सत्ता हासिल की थी। 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 114, भाजपा को 109, बहुजन  समाज पार्टी (बीएसपी) को 2, समाजवादी पार्टी (एसपी) को एक और निर्दलीयों को 4 सीटों पर जीत मिली थी। बीएसपी और अन्य निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ सरकार को  समर्थन देने का ऐलान किया था। बात करें लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों की, तो मध्य प्रदेश में अधिकांश सीटें भाजपा के खाते में जाने का अनुमान है। टाइक्स नाउ- वीएमआर के सर्वे की मानें तो पिछले बार के मुकाबले कांग्रेस की कुछ सीटें बढ़ सकती हैं। भाजपा को भले ही पिछले चुनाव के मुकाबले कम सीटें मिलें, लेकिन फिर भी कांग्रेस के  मुकाबले काफी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है।

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। राज्यपाल राम  नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ की राजभर को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने की सिफारिश मंजूर कर दी है। राजभर की जगह भाजपा विधायक अनिल राजभर को अतिरिक्त  प्रभार दिया गया है। इससे पहले ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं, सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया  है। ओमप्रकाश राजभर ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हैं। काफी समय से राजभर अपने विवादस्पद बयानों और हरकतों को  लेकर योगी सरकार के लिए लगातार मुसीबत बने हुए थे। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ को उन्हें पद से हटाने के लिए राज्यपाल की मदद लेनी पड़ी। सीएम ऑफिस के  आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सोमवार सुबह ट्वीट किया गया था, योगी आदित्यनाथ ने महामहिम राज्यपाल को पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश   राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की। इसके बाद राज्यपाल ने भी मंजूरी दे दी।

मुंबई नागपुर।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। एक्जिट पोल के नतीजों से यह साफ है कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी पर  पूर्ण रूप से भरोसा करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 2014 से भी अधिक सीटें मिलेंगी। चुनाव आचार संहिता के  चलते अधर में अटकी प्रधानमंत्री की बायोपिक का पोस्टर सोमवार को गडकरी के हाथों जारी किया गया, इस मौके पर वह बोल रहे थे। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता विवेक  ओबेरॉय ने कांग्रेस के परिवारवाद और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि आज के दौर में सत्ता पारिवारिक पृष्ठभूमि से नहीं बल्कि काम के दम पर मिलती है। उन्होंने कहा  कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने बीते पांच वर्ष में जो कार्य किए हैं, उसके दम पर भाजपा की दोबारा सत्ता में वापसी होगी। आयोजित प्रेसवार्ता में  विवेक ओबेरॉय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और नितिन गडकरी में बहुत समानताएं हैं।
दोनों ही नेताओं में कामना नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखते हैं। अगर फिल्मी भाषा में कहें तो मोदी और गडकरी दोनों एक्शन हीरो हैं। इसलिए एक एक्शन हीरो प्रधानमंत्री मोदी की फिल्म का पोस्टर दूसरे हीरो गडकरी के हाथों जारी किया जाना एक महत्वपूर्ण बात है। अभिनेता विवेक ने कांग्रेस पर  तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद अपनी तारीख  पर कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं, उन लोगों ने इस फिल्म को कोर्ट में घसीटा। उन्होंने हमारी फिल्म की चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि उनके  परिवारवाद से राजनीति चमकाने वाले दिन चले गए हैं। आम चुनाव के बाद रविवार को जारी हुए सभी मीडिया में एक्जिट पोल के नतीजों पर विवेक ने कहा कि एक्जिट पोल और  नतीजों में अंतर होता है, लेकिन सबों ने जो एक्जिट पोल दिया है, वह बहुत सकारात्मक लगता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश की बागडोर फिर से देश के चौकीदार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के होथों में आने वाली है। यह देश के लिए बहुत अच्छा होगा।

मुंबई
राज्य में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल एडमिशन को लेकर राज्य सरकार द्वारा मंत्रिमंडल की बैठक में लाये गए अध्यादेश पर सोमवार को राज्य के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव  ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। अध्यादेश को मिली इस मंजूरी से पीजी में मराठा समाज के आरक्षण कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का रास्ता साफ हो गया है। मुंबई उच्च न्यायालय  की नागपुर खंडपीठ द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल में प्रवेश रद्द किये जाने के बाद 293 विद्यार्थियों ने आंदोलन किया था, जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य की देवेंद्र फड़नवीस सरकार  सर्वोच्च न्यायालय गई, लेकिन वहां से भी निराशा मिली। उसके बाद मामला बढ़ता देख राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से आचार संहिता में छूट मांगी थी। जिसे मंजूरी मिलने के बाद  बीते शुक्रवार को राज्य सरकार ने तत्काल मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन को लेकर अध्यादेश निकालकर राज्य के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव के  पास भेज दिया था। जिस पर सोमवार को हस्ताक्षर करके अध्यादेश को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। बता दें कि 2019 में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन के रिक्त 972 सीटों में से  213 सीटें मराठा समाज के आरक्षण अंतर्गत मराठा विद्यार्थियों को मिलनी थी, लेकिन मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने इस बारे में निर्णय देते हुए कहा कि वर्ष 2019 में  पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन में मराठा विद्यार्थियों को आरक्षण नहीं मिलेगा।

मुंबई
महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना की महायुति 42 से ज्यादा सीटें जीतेंगी। इसके साथ ही देश में पार्टी 300 का आकड़ा पार करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। रविवार को  टीवी चैनलों के आए एग्जिट पोल के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रावसाहेब दानवे पाटिल ने कहीं। विपक्षियों पर तंज कसते हुए  दानवे पाटिल ने कहा कि मैं देशवाशियों का आभार प्रकट करता हूं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अनेक पार्टी के नेता प्रधानमंत्री का सपना देख रहे थे। कोई साइकिल तो कोई  हाथी पर बैठकर प्रधानमंत्री बनना चाहता था, लेकिन देश और राज्य की जनता को यह मंजूर नहीं हुआ। दानवे पाटिल ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी द्वारा आयोजित  जनसभा में लोग काफी उत्साहित थे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में महायुति 42 से एक सीट ज्यादा जीतेंगी, एक सीट कम नहीं। भाजपा-और शिवसेना के बड़े-छोटा भाई की चर्चाओं  पर उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों में छोटे-बड़े की कोई बात नहीं है। भाजपा और शिवसेना एक विचार धारा वाली पार्टी है, जो आगामी विधानसभा में दोबारा दिखेंगी। दानवे पाटिल ने  कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 22 और शिवसेना को 18 सीटें मिली थीं। इस तरह दोनों दलों ने राज्य में कुल 42 सीटों पर क जा किया था। वहीं विपक्षी दल  राकांपा को चार और कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर थी, जो इस बार के चुनाव में नहीं है। साथ ही मनसे की सभा से  राकांपा को फायदा हो सकता है। इस सवाल के जबाब में दानवे पाटिल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। मनसे की सभा से किसी को फायदा नहीं होगा। बात रही राकांपा के सीटों की  बढ़ोतरी की तो, वह चार से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। गौरतलब है कि रविवार को सातवें चरण के मतदान के बाद विभिन्न टीवी चैनलों के आए एग्जिट पोल में भाजपा एनडीए  की दोबारा बन रही सरकार से भाजपा और उसके सहयोगी नेता काफी उत्साहित हैं।

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget