काला हिरण केस सलमान बरी

जोधपुर - राजस्थान हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को 1998 में जोधपुर में चिंकारा के शिकार संबंधी दो मामलों में सोमवार को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि  चिंकारा से मिलीं गोलियां सलमान की लाइसेंसी बंदूक से नहीं चलाई गईं थीं। सलमान और उनके सह अभिनेताओं ने कथित शिकार पर जाने के लिए जिस जीप का इस्तेमाल किया  था, उसका चालक लापता है, जिस वजह से सलमान के खिलाफ अभियोजन का पक्ष कमजोर हो गया था।


विलुप्तप्राय जानवर चिंकारा के शिकार के आरोप में 50 वर्षीय सलमान  खान 2007 में करीब एक सह्रश्वताह तक जेल में रहे थे। भवाद और मथानिया में चिंकारा के शिकार संबंधी दो मामलों में सजा के खिलाफ सलमान की याचिका को हाई कोर्ट ने  स्वीकार कर लिया था। अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में बरी कर दिया। जस्टिस निर्मलजीत कौर ने सलमान के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी। सलमान खान के खिलाफ 26-27 सितंबर, 1998 में भवाद गांव में दो चिंकारा और 28-29 सितंबर, 1998 में मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा के शिकार के संबंध में वन्यजीव संरक्षण  अधिनियम की धारा 51 के तहत मामले दर्ज किए गए थे। निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए 17 फरवरी 2006 को एक साल और 10 अप्रैल,  2006 को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी। सलमान ने उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। सेशन कोर्ट ने मथानिया के मामले में याचिका  खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को हाई कोर्ट भेज दिया था जहां राज्य सरकार की दो याचिकाएं पहले से ही लंबित थीं। इन दोनों याचिकाओं पर सुनवाई हाई कोर्ट  में 16 नवंबर 2015 को शुरू हुई थी और यह 13 मई 2016 को पूरी हुई थी, जिसके बाद जस्टिस निर्मलजीत कौर ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बचाव पक्ष के वकील  महेश बोरा ने हाई कोर्ट में दलील पेश करते हुए कहा था कि सलमान को एक अहम गवाह हरीश दुलानी के बयानों पर ही इन मामलों में गलत फंसाया गया है।
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