पहले शांती बहाल, फिर बातचीत

नई दिल्ली - भारत के गृहमंत्री राजनाथ ङ्क्षसह ने कहा है कि भारत प्रशासित ज मू-कश्मीर में हालात सामान्य और शांतिपूर्ण होने  चाहिए, उसके बाद ही जिससे भी बातचीत की आवश्यकता होगी, बातचीत की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के दौरे के बाद रविवार को  श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस में राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ, उस पर उन्हें अफसोस है।
उन्होंने कहा, '' हम कश्मीर के साथ जज्बाती संबंध बनाना चाहते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर की जम्हूरीयत में सिर्फ़ इंसानियत  का स्थान रहेगा।” गृहमंत्री ने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के लोगों की ख़्वाहिश है कि कश्मीर फिर से फिरदौस (यानी जन्नत) बनना चाहिए। कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर  बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हुई हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि हर मतभेद को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए,  क्योंकि इसके अलावा कोई दूसरा समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मसले में तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी नहीं चलेगी। कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान को अपनी सोच बदलनी चाहिए राजनाथ ने घाटी में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि  पिछले दो दिनों में वे 30 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से मिले हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, ''मेरी जानकारी के मुताबिक इन झड़पों में 2228 पुलिस के जवान, 1100 सीआरपीएफ के
जवान और 2259 आम नागरिक घायल हुए हैं।”

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