15 फरवरी से डोर-टू-डोर सब्ज़ी बेचेगी सरकार

पटना
पटना में सब्ज़ी का रिटेल आउटलेट खोलने का मामला फिलहाल लटक गया है। आउटलेट के लिए जमीन मिलने में हो रही देरी को देखते हुए तत्काल सरकार ने डोर टू डोर सब्ज़ी
बेचने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग इस प्रयास में लगा हुआ है कि 15 फरवरी से बिक्री शुरू हो जाए। 
सब्ज़ी पूरी तरह से जैविक होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के पांच जिलों पटना, बेगूसराय, नालंदा, वैशाली और समस्तीपुर में इसका काम शुरू हुआ है। पटना में डोर-टू-डोर  सब्ज़ी बेचने के लिए 12 मोबाइल बैन और 111 ठेला रहेगा। राज्य में पिछले साल से ही सुधा दूध की तरह सब्ज़ी बेचने की कवायद चल रही थी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 487 करोड़  खर्च हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में सहकारिता विभाग ने इसके लिए अपने बजट में 50 करोड़ का प्रावधान किया है। राज्य सरकार सब्ज़ी उत्पादक किसानों की सुविधा के  लिए सब्ज़ी आधारित सहकारी समितियों का गठन कर रही है। प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर समिति तथा राज्य स्तर पर सब्ज़ी उत्पादकों का फेडरेशन बनेगा। पहले कहा गया था  कि अक्टूबर से सरकारी आउटलेट पर सब्ज़ी की बिक्री शुरू हो जाएगी, लेकिन अभी तक आउटलेट ही नहीं खुला। आउटलेट के लिए जिला प्रशासन को जमीन उपलब्ध करानी थी,  लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिली। पूरा सिस्टम कंफेड की तरह होगा। सब्ज़ीयों का कलेक्शन, प्रसंस्करण और वितरण होगा। तीन से पांच सौ वर्ग फीट में आउटलेट होगा। 
आउटलेट के लिए जमीन न मिलने से तत्काल सरकार ने वैन और ठेला के जरिए सब्ज़ी की बिक्री की योजना बनाई है। वैन मोहल्ला-मोहल्ला जाकर खास जगह पर खड़ा रहेगा जहां  से लोग सब्ज़ी खरीदेंगे जबकि ठेला डोर टू डोर जाएगा। 
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