शहीदों के परिजनों को पचास लाख रुपए, दो हेक्टर जमीन: सीएम

- मुंबई
भारतीय सैनिकों ने अपने शौर्य से देश का सम्मान दुनिया भर में बढ़ाया है। अपने शौर्य का प्रदर्शन और मौके पर अपने प्राणों की  आहूति देने वाले शहीदों के परिजनों के प्रति कृतज्ञ रहना हमारा कर्तव्य है। इन शŽब्दों में भारतीय सैन्य दलों का गौरवगान करते  हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस ने शहीद वीरों के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार  योजना के अंतर्गत भारतीय सेना के महाराष्ट्र से शौर्य सेवा पदक विजेताओं को मिलने वाली राशि दोगुनी करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री अथर्व फाउंउेशन की तरफ से वन फार ऑल एंड ऑल फार वन उपक्रम अंतर्गत आयोजित ए ट्रिब्यूट टू इंडियन आर्मी एंड  सेल्यूट टू सोल्जर्स कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, अभिनेत्री तथा सांसद  हेमामालिनी, विधायक और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष आशीष शेलार, रिटायर्ड मेजर जनरल राज सिन्हा, महावीर चक्र विजेता विंग  कमांडर जगमोहन नाथ, विंग कमांडर एसएम अहलुवालिया, ग्रुप कैप्टन एसएम आव्हाले, मेजर जनरल आरके सुदान, परमचक्र विजेता सूबेदार मेजर  योगेंद्रसिंह यादव, ब्रिगेडियर वसंत पाटिल, कार्यक्रम के संयोजक और फाउंडेशन के अध्यक्ष सुनील राणे, वर्षा राणे, कर्नल सुधीर राजे, कर्नल एसके चौधरी सहित शहीद जवानों के  परिजन उपस्थित थे। वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में आयोजित कार्यक्रम में शहीद वीर जवानों के परिजनों को मान्यवरों ने सम्मानित किया। इस अवसर पर संपूर्ण सभागृह ने खड़े  रहकर वीरों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए भारत माता की जय के नारे लगाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस ने कहा कि शहीद वीरों के परिजनों के उनके त्याग को नमन करने का यह  अच्छा उपक्रम है। यह केवल उनका सम्मान नहीं, देश का सम्मान है। अत्यंत प्रतिकूल परिस्थिति में अपने जवान 24 घंटे तैयार रहते हैं। समय आने पर ये जवान अपने प्राणों की आहूति तक दे देते हैं। ऐसे में इन जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना जरूरी है। छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श पर भारतीय सेना काम कर रही है। वीर जवानों के हौसले के  दाम नहीं लगाए जा सकते, लेकिन इन परिवारों के लिए योगदान देना, कर्तव्य माना जाता है।
इस कृतज्ञता के लिए शहीद वीरों के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शहीद परिवार को उनके जिले में दो हे€क्टर जमीन देने के लिए जिला अधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है। इसके अलावा शौर्य पदक और सेवा पदक विजेताओं को पुरस्कार में दी जाने वाली नकद रकम को दोगुना करने का निर्णय लिया गया  है। मरणोपरांत शौर्य और सेवा पदक धारण करनेवाले परिवारों को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता दोगुनी कर दी गई है। इस मौके पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारी तीनों सेना के जवान बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। मौका आने पर वे अपनी जान भी गंवा देते हैं। ऐसे में शहीदों के  परिवारों के पीछे खड़ा रहने की जरूरत है। न€सलवाद हो या सीमा पर लड़ाई, इन सैनिकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे में भारत की एकता और अखंडता अबाधित है।  इस अवसर पर सुनील राणे (अध्यक्ष अथर्व फाउंडेशन) के कहा कि 'वन फॉर ऑल, ऑल फॉर वन’ सीजन 2 का सफल आयोजन हम सब के लिए गर्व और ख़ुशी का अवसर है अथर्व फाउंडेशन द्वारा 'वन फॉर ऑल, ऑल फॉर वन' का आयोजन देश के शूरवीर सैनिकों के सम्मान के उद्देश्य से शुरू किया गया। आज यह एक बहुत बड़ा वार्षिक आयोजन साबित हुआ  है, जिससे कई सामाजिक कल्याण के कार्य करनेवाली संस्थाएं, शिक्षण संस्था थलसेना, जल सेना और वायु सेना, वरिष्ठ राजनैतिक व्य€क्तित्व के साथ ही देश के युवा जुड़ गए हैं।

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