राफेल: कैग रिपोर्ट से भाजपा का जोश हाइ

नई दिल्ली
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 36 लड़ाकू राफेल विमानों की खरीद के लिए राजग सरकार ने जो सौदा किया वह इन  विमानों की खरीद के लिए 2007 में की गई तत्कालीन संप्रग सरकार की वार्ता पेशकश की तुलना में 2.86 फीसदी सस्ता है।
कैग की रिपोर्ट बुधवार को संसद में पेश की गई। इस रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि भारत  के लिहाज से किए गए संवर्द्धन के नजरिए से यह सौदा 17.08 फीसदी सस्ता है। यह  रिपोर्ट मोदी सरकार के लिए बहुत राहत देने वाली है, क्योंकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार पर राफेल विमान सौदे को लेकर लगातार आरोप लगाते रहे हैं और सौदे की  संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग करते रहे हैं। संसद के बजट सत्र में भी यह मुद्दा दोनों सदनों में छाया रहा और इसकी वजह से कार्यवाही भी बाधित हुई। केंद्र ने  हालांकि इस बारे में विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को लगातार खारिज किया है।

राहुल का राफेल वार जारी

राहुल गांधी ने बुधवार को राफेल सोदे पर एनडीए सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि नया सौदा केवल अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए देने के लिए किया गया।  उन्होंने अधिकारियों के एक नोट का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि नया राफेल सौदा कीमत और तेजी से डिलीवरी को लेकर किया गया, लेकिन इस दावे की पोल  खुल चुकी है। राहुल गांधी ने कहा कि राफेल सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट में बिचौलियों के डिसेंट नोट की चर्चा नहीं की गई है और इसलिए वह नहीं समझते कि इस रिपोर्ट को ज्यादा  तवज्जो दी जाए। संसद के पटल पर सीएजी की रिपोर्ट पेश होने के बाद राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

सत्य की जीत, महाझूठबंधन का झूठ बेनकाब : जेटली

कैग की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि महाझूठबंधन का झूठ बेनकाब हो गया और सत्य की जीत हुई। जेटली ने ट्वीट किया, सत्यमेव जयते...सत्य की हमेशा जीत  होती है। राफेल मुद्दे पर कैग की रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि 2016 बनाम 2007... कम कीमत, त्वरित आपूर्ति, बेहतर रखरखाव, महंगाई के आधार पर कम वृद्धि।  कांग्रेस सहित विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता है कि उच्चतम न्यायालय गलत है, कैग गलत है और केवल परिवार सही है। अरुण जेटली ने  कहा कि जो लोग लगातार झूठ बोलते हों, उन्हें लोकतंत्र कैसे दंडित करे। उन्होंने कहा कि महाझूठबंधन का झूठ बेनकाब हो गया।
जेटली ने दशकों पुराने सेंट कीट्स के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस दोबारा वैसा ही करना चाहती है। 1989 में राजीव गांधी की सरकार भ्रष्टाचार में रिश्वत थी। इसको  छिपाने के लिए उन्होंने वीपी सिंह के खिलाफ सेंट कीट्स का मामला उछाला। अब जब मोदी सरकार की इमेज साफ है, तो वह फिर ऐसी ही कोशिश कर रहे हैं।
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