लटके विरोधियों के चेहरे

नई दिल्ली/गोरखपुर
पीएम नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में 'किसान सम्मान निधि योजना’ को लांच करते हुए एक तरफ किसानों को संबोधित किया तो दूसरी तरफ विपक्ष पर भी तीखे वार किए। प्रधानमंत्री ने  1 करोड़ 1 लाख किसानों को 2-2 हजार रुपए की पहली किस्त जारी करते हुए स्कीम की शुरुआत की। पीएम मोदी ने स्कीम के फायदे गिनाते हुए कहा कि इस योजना के बारे में  जब हमारे विरोधियों ने संसद में सुना तो चेहरे लटक गए थे। महामिलावटी लोग परेशान हो गए और अब अफवाहें फैला रहे हैं। मुझे लगता है कि यह उनका जन्मजात स्वभाव है।  अब उन्होंने ऐसी अफवाह चालू की है कि मोदी ने अभी 2,000 रुपए दिए हैं, फिर देगा, लेकिन साल भर के बाद इसे वापस ले लेगा। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों की राज्य सरकारों  को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे किसानों की सूची नहीं सौंपते हैं, तो फिर अन्नदाता के शाप से उनका विनाश हो जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि मैं उकराखंड, उकर प्रदेश, गुजरात, बिहार और महाराष्ट्र जैसी सरकारों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने प्राथमिकता दी। ऐसी भी कई सरकारें हैं, जिनकी नींद अभी खुली नहीं है। मैं ऐसी राज्य सरकारों को  चेतावनी देता हूं कि यदि आपने सूची नहीं पहुंचाई, तो किसानों का शाप और बद्दुआएं आपको तहस-नहस कर देंगी।

योजना के साथ ही शुरू किया चुनावी मिशन :
पीएम मोदी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह जो पैसा दिया जा रहा है, आपके हक का है। कोई इसे वापस नहीं ले सकता है। न मोदी और न ही राज्य की सरकार। ऐसी  अफवाह फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दे देना।

कर्जमाफी को बताया रेवड़ी, कहा-मोदी मिला है, महंगा पड़ जाएगा :

कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे कर्जमाफी की रेवड़ी बांटकर आंख में धूल झोंकना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मोदी मिला है, महंगा  पड़ जाएगा। उनकी पोल खोल कर के रख देगा। इस योजना का जब हमने संसद में ऐलान किया तो उनके चेहरे लटके थे। हमने बजट में पैसों का प्रावधान करके ऐलान किया है।

कांग्रेस ने दिए 52,000 करोड़, हम देंगे 7.5 लाख करोड़ :
पीएम मोदी ने 2009 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से किसान कर्जमाफी का जिक्र करते हुए कहा कि बैंकों के हिसाब से देश में किसानों का कुल कर्ज 6 लाख करोड़ रुपया  था। अब उन्होंने कर्जमाफी की घोषणा की, तो यह माफ होना चाहिए था, लेकिन 2009 में चुनाव हुआ और कुर्सी से चिपक गए। रिमोट चालू हो गया। माफ हुआ था सिर्फ 52,000  करोड़। देश को अंधेरे में रखा गया। पीएम मोदी ने कहा कि तब लाभार्थियों में 35 लाख लोग तो ऐसे थे, जिनका किसानी से लेना- देना ही नहीं था। अपने सिपहसालारों को ही पैसे बांट दिए। हम जो योजना लाए हैं, उस से हर साल 75,000 करोड़ रुपया किसानों के खाते में जमा होगा। 10 साल में उन्होंने 52,000 करोड़ रुपए दिए थे, हम साढ़े सात लाख करोड़  रुपए देंगे।

हम काम करते हैं, चुनावी खेल नहीं खेलते :
पीएम मोदी ने कर्जमाफी न करने को लेकर कहा कि हमारे लिए भी कर्जमाफी आसान थी। रेवड़ी बांट देते, खेल खेल लेते, लेकिन मोदी ऐसा नहीं करता।

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