धमकाने लगे महबूबा-उमर

श्रीनगर
कश्मीर को जमीन और स्थाई निवास पर विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 35ए को खत्म किए जाने की अटकलों को लेकर अब जम्मू-कश्मीर में सियासत तेज हो गई है। पूर्व
मुख्यमंत्री महबूबा मुती और उमर अब्दुल्ला ने धमकी भरे अंदाज में यह कहना शुरू कर दिया है कि इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। जहां मुख्यमंत्री महबूबा मुती ने चेतावनी दी है कि
आग से मत खेलो, अनुच्छेद-35ए से छेड़छाड़ मत करो वरना 1947 से अब तक जो आपने नहीं देखा, वह देखोगे। यदि ऐसा होता है तो मुझे नहीं पता कि जम्मू- कश्मीर के लोग  तिरंगा उठाने की बजाए कौन सा झंडा उठाएंगे।
वहीं दूसरी तरफ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर उŽदुल्ला ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। उमर ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ऐसा फैसला करती  है, तो घाटी में अरुणाचल प्रदेश से भी खराब हालात हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
बता दें कि 35ए का मामला अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर भी है। कोर्ट इसी हफ्ते इस पर सुनवाई करेगा। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार और गवर्नर की ज्मिेदारी प्रदेश में चुनाव करवाने भर की है। इसलिए चुनाव ही कराएं, लोगों को फैसला लेने दें। नई सरकार खुद ही आर्टिकल 35ए को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करेगी।

कश्मीर में समय पर चुनाव की दी चुनौती : अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पांच साल के बाद चुनाव करवा पाना कश्मीर के हालात से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निबटने का परीक्षण होगा। अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा कि €या मोदी सरकार अलगावावादी ताकतों और आतंकियों के सामने घुटने टेकेगी, जो जम्मू कश्मीर में हमेशा से ही चुनावों में बाधा और देरी पहुंचाते हैं या फिर चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे? यह समय प्रधानमंत्री मोदी के लिए बीते पांच वर्षों में कश्मीर को संभालने की परख का है।
अब्दुल्ला ने उन मीडिया रिपोर्टों पर प्रत्रिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिनमें कहा गया था कि भारत के निर्वाचन आयुक्त इस बात का फैसला करेंगे कि €या राज्य में लोकसभा चुनावों के  साथ राज्य के चुनावों भी कराया जाए। अब्दुल्ला ने कहा कि एक बार को छोड़कर राज्य में 1995-96 से चुनाव निर्धारित अवधि में होते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 35ए पर इसी हफ्ते सुनवाई : जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 35ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट इसी हफ्ते सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने 26- 28 फरवरी के बीच मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार आम चुनाव से पहले आर्टिकल 35ए पर कड़ा स्टैंड अपना सकती है।

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