मोदी का कांग्रेस पर वार

हुबली, कर्नाटक
आम चुनाव के तारीखों का अभी भले ही ऐलान न हुआ हो, लेकिन फिजा पूरी तरह चुनावी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मिशन साउथ’ पर निकले और 12 घंटे में  दक्षिण के 3 राज्यों में रैलियों को संबोधित किया। कर्नाटक के हुबली में अपनी तीसरी रैली के दौरान पीएम ने सूबे की कांग्रेस-जेडीएस सरकार को 'मजबूरी की सरकार’ बता लोगों से केंद्र में एक बार फिर 'मजबूत सरकार’ बनाने की अपील की।
कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये लोग 'कर्नाटक की मजबूर सरकार’ के इसी मॉडल को देश पर भी थोपना चाहते हैं।

'मजबूरी की सरकार’  बनाम 'मजबूत सरकार’


एचडी कुमारस्वामी को मजबूर मुख्यमंत्री बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में सब समा की मलाई खाने में जुटे हैं। नेता अपने प्रभुत्व की लड़ाई में  जुटे हैं। आए दिन मुख्यमंत्री को धमकियां मिलती रहती हैं। मुख्यमंत्री की पूरी ऊर्जा कांग्रेस के बड़े नेताओं से अपनी कुर्सी बचाने में लगी रहती है। वह सार्वजनिक तौर पर अपनी  मजबूरी का रोना रोने लगते हैं। ऐसा मजबूर मुख्यमंत्री जिसे हर कोई चुनौती दे रहा है। कभी-कभी तो यह भी लगता है कि इस सरकार का आखिर इंचार्ज कौन है? कर्नाटक के इस  मजबूर मॉडल को वे देश पर भी थोपना चाहते हैं, जहां सरकार का मुखिया कोने में रोता रहे और फैसला नामदार के महलों में होते रहे। यही मॉडल ये देश पर थोपना चाहते हैं। नया  भारत मजबूरी का नहीं, मजबूती का मॉडल चाहता है। आपका एक-एक वोट तय करेगा कि बेईमान रहेगा या ईमानदार, कामदार रहेगा या नामदार, विकास चाहिए या वंशवाद,  सकारात्मकता चाहिए या नकारात्मकता, क्लैरिटी चाहिए या कंफ्युजन।

जो भ्रष्ट है, उसी को मोदी से कष्ट है


हुबली की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार बिचौलियों को खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि ईमानदार को मोदी पर भरोसा  है। जो भ्रष्ट है, उसी को मोदी से कष्ट है। पीएम ने कहा कि जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, एक-एक करके उनकी बारी आ रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अब  एजेंसियों के यहां हाजिरी लगा रहे हैं। देश-विदेश में बेनामी संपत्तियों का हिसाब दे रहे हैं। जिसने भी दलाली खाई है,एक-एक करके उसकी बारी आ रही है। साथियो, ये वो लोग हैं,  जिन्होंने किसानों को भी नहीं छोड़ा।

कर्जमाफी की दसवर्षीय योजना से किसानों को छल रही कांग्रेस


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुनाव से पहले कर्जमाफी के बड़े-बड़े वादे हुए थे, लेकिन हुआ ख्या। वादा किया 33 लाख किसानों के कर्ज माफ होंगे, लेकिन सिर्फ 60 हजार किसानों का  कर्ज माफ हुआ। ये दशकों से यही खेल खेलते आ रहे हैं। ये वोट के लिए कर्जमाफी की दसवर्षीय योजना लेकर आते हैं। 100 में से 30 किसानों को कर्ज माफ होता है। उसमें भी  ज्यादातर को 100 रुपए मिलते हैं।
प्रधानमंत्री ने अंतरिम बजट में किसानों के लिए आर्थिक मदद संबंधी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए ऐसी योजना लाई है, जिसका 90 प्रतिशत  किसानों को लाभ मिलना तय है। 5 एकड़ से कम खेत वाले किसानों को सरकार हर साल 6000 रुपए देगी। इसकी कांग्रेस की 10 वर्षीय कर्जमाफी योजना से तुलना करें तो चीजें  साफ हो जाएंगी। वे 10 साल में 60 हजार करोड़ की कर्जमाफी करते हैं। हमारी योजना कोई वन टाइम योजना नहीं है, हर साल किसानों को पैसे मिलेंगे। इस तरह 10 साल में किसानों में साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए बांटे जाएंगे।
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