स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ़ करेगी मनपा

मुंबई। मनपा अस्पतालों में मरीजों के बढ़ते बोझ को देखते हुए उनकी सेवा सुविधा के लिए लगने वाली निधि को इस साल पिछले  साल के मुकाबले 15 प्रतिशत बढ़ाते हुए 4 हजार 151 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मनपा के प्रमुख अस्पतालों में लगातार  मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिसके चलते मनपा प्रशासन ने अपने उपनगरीय अस्पतालों को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्णय  लिया है। मनपा के तीन प्रमुख अस्पतालों सहित पश्चिम उपनगर के कूपर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद पूर्व  उपनगर में भी मेडिकल कॉलेज की जरूरत थी। मनपा ने पूर्व उपनगर में मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना को फिलहाल टालते  हुए अब उपनगरीय अस्पताल को ही हाईटेक करने का निर्णय लिया है। मनपा ने पूर्व उपनगर के एमटी अग्रवाल शताब्दी अस्पताल  को हाईटेक करने का निर्णय लिया है। मनपा ने सोमवार को अपने बजट में इसके लिए 75 करोड़ का प्रावधान किया है, जबकि  इन अस्पतालों को पूरी तरह से अत्याधुनिक बनाने के लिए एमटी अग्रवाल कुल 498 करोड़ खर्च किया जाएगा, जबकि शताब्दी  अस्पताल पर 502 करोड़ खर्च होना है।
उपनगरीय अस्पतालों के लिए 242.59 करोड़ : उपनगरीय अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को वहीं पर सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 242.59 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसमें आईसीयू, प्रयोगशाला सुधारने और मरीजों के  इलाज के लिए अन्य सुविधाओं को पूरा करने पर खर्च किया जाएगा। मेडिकल विश्वविद्यालय का सपना नहीं हो पाया पूरा: मनपा  ने पांच साल पूर्व पश्चिम उपनगर और पूर्व उपनगर में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना बनाई थी, जिसके लिए मनपा ने  कूपर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज शुरू किया। लेकिन पूर्व उपनगर में मेडिकल कॉलेज शुरू करने का सपना, सपना ही रह गया  जिससे पांचवां मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाने से मनपा की खुद की मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने का सपना भी सपना रह गया। 785  डॉक्टरों की होगी नियुक्ति: मनपा ने मरीजों को डॉक्टरों की अच्छी सेवा सुविधा मिले, इसके लिए 274 वैद्यकीय अधिकारियों की भर्ती शुरू की है, जिसके बाद इस साल 511 डाक्टरों के पद भरे जाएंगे। अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संक्या को देखते हुए हर  समय डॉक्टरों की कमी के आरोप लगाए जाते हैं। मनपा ने इन आरोपों को दूर करने के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति करने और  उपनगरीय अस्पतालों की सेवा बढ़ाने पर जोर दिया है।
इस तरह खर्च होगी निधि: अस्पतालों के विस्तार के लिए 115 करोड़। अस्पतालों में मशीनरी की उपलब्धता के लिए 134 करोड़। उपनगरीय अस्पतालों में दवा उपलब्ध कराने के लिए 243 करोड़ खर्च किया जाएगा।
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