संसदीय समिति के समक्ष पेश होने से ट्विटर सीईओ का इंकार

नई दिल्ली
लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति द्वारा समन किए गए ट्विटर सीईओ और कुछ सीनियर अधिकारियों ने फिलहाल भारत आने से इंकार कर दिया  है। इन लोगों को आईटी के लिए बनी संसदीय समिति ने समन किया था। कमेटी इन लोगों से सोशल मीडिया पर लोगों के हितों की रक्षा किस प्रकार की जा रही है, इसके संबंध में  बातचीत करना चाहती थी। समिति के सामने पेश होने के लिए करीब 10 दिन दिए गए, फिर भी ट्विटर ने इस वक्त को कम बताया।
संसदीय समिति के समन पर ट्विटर सीईओ के न आने से जुड़े सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस संदर्भ में सरकार कोई फैसला नहीं लेगी, जो भी करना  है वह संसद करेगी। गोयल ने कहा कि अगर कोई संसदीय समिति के सामने पेश होने से इंकार करता है, तो ऐसे मामलों में किस तरह की कार्रवाई होगी, इसका फैसला राज्यसभा  के सभापति और लोकसभा स्पीकर करेंगे, सरकार इन पर फैसले नहीं लेती है। संसदीय समिति (जिसके प्रमुख भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर हैं) ने एक फरवरी को ट्विटर को पत्र  भेजकर समन किया था। इसके संबंध में पहले 7 फरवरी को बैठक होनी थी, लेकिन फिर उसे 11 फरवरी को रखा गया ताकि ट्विटर सीईओ जैक डॉर्सी समेत कुछ सीनियर अधिकारी आने के लिए पर्याप्त व€त निकाल पाएं।
एक फरवरी को जो पत्र संसदीय आईटी कमेटी ने भेजा था, उसमें लिखा था कि संस्था के प्रमुख को कमेटी के सामने प्रस्तुत होना है। वह अपने साथ किसी अन्य सदस्य को भी ला  सकते हैं। शनिवार को पैनल में मौजूद एक सदस्य ने बताया कि ट्विटर ने अपने सीईओ को भेजने में असमर्थता जताई है। बता दें कि कुछ दिन पहले दक्षिणपंथी संगठन यूथ फॉर  सोशल मीडिया डेमोक्रेसी के सदस्यों ने ट्विटर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया था कि ट्विटर ने दक्षिणपंथ विरोधी रुख अख्तियार किया है और उनके  ट्विटर खातों को बंद कर दिया है।

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