महागठबंधन में 'महामंथन’ भी फेल!

पटना
बिहार महागठबंधन में शामिल दलों ने बीते 23 और 24 मार्च को महामंथन किया। इस दौरान फॉर्मूला निकला की फिलहाल पहले चरण के सीटों की घोषणा की जाए। इसके बाद  फेजवाइज सीट शेयरिंग और सेलेक्शन के मामले को निबटा लिया जाएगा। हालांकि तीसरे चरण के नामांकन की तारीख भी नजदीक आ गई है, लेकिन सीट एडजस्टमेंट का मसला  फेजवाइज सलटाने की कोशिश भी नाकाम दिख रही है। लगभग दर्जन भर ऐसी सीटें हैं, जिसपर अभी पेच फंसा हुआ है। आरजेडी और कांग्रेस ही नहीं, आरएलएसपी, हम और वीआईपी के नेता-कार्यकर्ता सभी पसोपेश में हैं। हालात ये है कि किसी भी दल का उम्मीदवार खुल के प्रचार नहीं कर पा रहा है। अधिकतर सीटों पर उम्मीदवार अपने ही नाम को लेकर संशय में हैं।

किन सीटोंपर फंसा है पेच ?

दरभंगा- कांग्रेस के कीर्ति आजाद, राजद के अ दुल बारी सिद्दीकी, वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी या यहां के राजद के पर परागत उम्मीदवार अली अशरफ फातमी में से किसे यह सीट मिलेगी, अबूझ पहेली बनी हुई है।
मधुबनी- यह सीट आरजेडी के खाते में जाने की संभावना है, लेकिन यहां पार्टी के दो मुस्लिम चेहरे के बीच दावेदारी की संभावना है। हालांकि कांग्रेस के शकील अहमद के बारे में भी खूब चर्चा हो रही है।
झंझारपुर- यह सीट राजद के खाते में है, लेकिन उम्मीदवार के चयन को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। यहां राजद से ही गुलाब यादव और ब्राह्मण चेहरा राजीव मिश्रा के नाम की  चर्चा है।
सीतामढ़ी- ये रालोसपा की सीटिंग सीट है, लेकिन आरजेडी और शरद यादव की पार्टी भी दावेदारी ठोक रही है। शरद यादव के अर्जुन राय यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
नालंदा- हम की नालंदा सीट रालोसपा को दिए जाने की चर्चा हो रही है। जाहिर है सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हम की तीसरी सीट कौन होगी?
मुजफ्फरपुर- मुकेश सहनी की वीआईपी की इस सीट पर दावेदारी है, लेकिन कांग्रेस ने यहां लड़ने की इच्छा जताकर पेच फंसा दिया है।
पूर्वी चंपारण- कांग्रेस के डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह अपने बेटे आकाश को लड़ाना चाहते हैं। जबकि रालोसपा के माधव आनंद के लिए उपेंद्र कुशवाहा अड़े हुए हैं।
वाल्मीकिनगर- वाल्मीकिनगर सीट कांग्रेस चाहती है, जबकि रालोसपा उसपर नजर गड़ाए हुए है। हालांकि दरभंगा की भरपाई के लिए महागठबंधन की ओर से कांग्रेस को वाल्मीकिनगर की सीट ऑफर किए जाने की खबर है। यहां से कीर्ति आजाद या ब्रजेश कुमार पांडेय पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं।
सुपौल- कांग्रेस की इस सीटिंग सीट पर आरजेडी के स्थानीय नेता मानने को तैयार नहीं हैं। वहां से आरजेडी विधायक यदुवंश यादव ने कहा है कि अगर रंजीत रंजन को टिकट  मिलेगा तो उसका विरोध करेंगे।
महाराजगंज- महाराजगंज सीट पर राजद के संभावित उम्मीदवार और प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह प्रचार भी शुरु कर चुके है तो कांग्रेस से विमल कीर्ति सिंह और तारकेश्वर  सिंह वहां से लड़ने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।
खगड़िया- विवाद का आलम यह है कि वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी को यह सीट देने की घोषणा अब तक नहीं हो पाई है। पिछले चुनाव में वहां से राजद के सिम्बॉल पर चुनाव लड़ी कृष्णा यादव चुनाव लड़ने के लिए राजद से अलग हो गई हैं।
शिवहर- आरजेडी और कांग्रेस दोनों की दावेदारी है। उजियारपुर- रालोसपा के खाते में जाने के आसार हैं, लेकिन रालोसपा की दावेदारी से उलझा है मामला।
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