पीएम के अमेठी दौरे से कई मकसद साधेगी भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविावार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के क्षेत्र अमेठी में विकास योजनाओं के लोकार्पण के साथ ही रैली को संबोधित करेंगे। प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति  में भागीदारी और सपाबसपा गठबंधन से उभरे नए समीकरणों के बीच पीएम मोदी की इस यात्रा से भाजपा कई मकसद साधेगी। इस बीच सर्जिकल स्ट्राइक-टू से भी माहौल बदला है।  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष के मुकाबले अमेठी में भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, यह तो संसदीय समिति तय करेगी, लेकिन संकेत साफ हैं कि इस बार भी केंद्रीय मंत्री  स्मृति ईरानी ही मुकाबले में उतरेंगी। पिछले लोकसभा चुनाव में भी मोदी अमेठी में स्मृति ईरानी के चुनाव प्रचार में आए थे। तब राहुल गांधी के मुकाबले वह पूरी मजबूती से लड़ीं  थीं। चुनाव हारने के बावजूद साढ़े चार वर्षों में स्मृति ने अमेठी के गांव-गांव में गोलबंदी की।
यहां पर अगर राहुल गांधी की ओर से वॉलीबॉल किट बांटे गए तो स्मृति ने क्रिकेट प्रतियोगिता कराई। स्मृति ईरानी ने अमेठी के 25 हजार लोगों को कुंभ भेजा। यह सिलसिला शुरू  से चल रहा है। जवाबी पलटवार में स्मृति पीछे नहीं रहीं। समयसमय पर रैलियां आयोजित कर भी वह आक्रामक मुद्रा में रही हैं।
स्मृति ईरानी की लगातार सक्रियता ने भाजपा को यह किला फतेह करने के लिए प्रेरित किया है। मोदी के इस दौरे से निश्चित रूप से भाजपा को और ताकत मिलेगी। एक दशक  पहले अमेठी के भाजपा जिलाध्यक्ष और अब भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शु ल कहते हैं कि अमेठी की तस्वीर बदल गई है। खासतौर से केंद्र और प्रदेश में भाजपा की  सरकार बनने के बाद बिजली और खाद-पानी का संकट तो पूरी तरह खत्म हुआ, क्षेत्र में विकास की भी गंगा बही है। अब अमेठी की जनता विकास के लिए भाजपा के साथ खड़ी है।  सर्जिकल स्ट्राइक-टू के बाद मोदी की उत्तर प्रदेश की पहली यात्रा अमेठी में हो रही है। अमेठी में वह स्वचालित हथियार एके-47 के अपग्रेड वर्जन निर्माण के लिए आधारशिला भी  रखेंगे। जाहिरा तौर पर देश प्रेम की भावना को जागृत करने के लिए यह अहम कड़ी होगी। इसके पहले सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी 'उरी’ फिल्म यहां गांव-गांव,
कस्बे-कस्बे दिखाई गई और जबर्दस्त रिस्पांस मिला।
1977 में जनसंघ के रवींद्र प्रताप सिंह और 1998 में भाजपा के टिकट पर संजय सिंह चुनाव जीतने में जरूर कामयाब हुए लेकिन, यहां भाजपा की जमीन पु ता नहीं हो सकी। स्मृति  ईरानी की सक्रियता ने भाजपा को भी नई ताकत दी। अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की जगदीशपुर, अमेठी,  तिलोई और सलोन विधानसभा सीटें भाजपा के कब्जे में आ गईं। सिर्फ गौरीगंज सीट सपा के खाते में गईं। राहुल से पहले सोनिया गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी और परिवार के  करीबी कैप्टन सतीश शर्मा भी यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। निसंदेह इस बड़े गढ़ में मोदी की हुंकार आस-पास के क्षेत्रों में भी भाजपा का माहौल बनाएगी।
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