'श्रमिकों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता’

मेरठ
श्रमिकों का सम्मान हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। श्रमिक से लेकर उसके परिवार तक के सदस्यों के लिए सरकार ने योजनाओं का सीधा लाभ लाभार्थी को पहुंचाने का कार्य  किया है। पंडित दीनदयाल और डॉ. आंबेडकर के विचारों को लेकर सरकार समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्य धारा में जोड़ रही है। श्रमिकों को मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य योगी  सरकार में हुआ है।
श्रम विभाग में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी श्रमिक से रिश्वत मांगता है, तो फोन करके शिकायत कीजिए, मैं उसे छठी का दूध याद दिला दूंगा। यह बातें गुरुवार को प्रदेश  के श्रम विभाग व सेवायोजन कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मेरठ में श्रम विभाग के कार्यक्रम में कहीं। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय में आयोजित श्रम विभाग  की ओर से निर्माण श्रमिकों हेतु पंजीकरण, हितलाभ वितरण व जनजागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने उप्र सरकार की तमाम योजनाओं का बखान  करते हुए विभिन्न योजनाओं में 6353 निर्माण श्रमिकों को 3 करोड़ 76 लाख की धनराशि के लिए स्वीकृति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार ने अंत्योदय के  आधार पर श्रमिकों को उनका अधिकार प्रदान किया है। कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री चाहते हैं कि प्रत्येक श्रमिक भी शान से अपना जीवन यापन करें। पंजीयन फीस भी 50 रूपये  से कम करके 20 रुपए कर दी गई। इसके अलावा नवीनीकरण फीस में भी कटौती की गई है। इसके लिए हर एक मंडल में स्वयं जाकर योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही  है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंटकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मंच पर महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल,दक्षिण विधायक सोमेंद्र तोमर, सरोजिनी  अग्रवाल, हरपाल सैनी, योगेश मोहन गुप्ता, समय सिंह सैनी, रामअवतार सैनी,महकार सैनी आदि मौजूद रहे। श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्या ने दो  टूक कहा कि प्रदेश के प्रत्येक लाभार्थी को सीधे उसके बैंक खाते में धनराशि को भेजा गया है। जिसके कारण अब से पहले जो बिचौलियों व अधिकारियों की बंदरबांट चल रही थी। उनकी दुकानें अब बंद हो गई हैं।
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