चीन ने अब माना : मुंबई पर आतंकी हमला था बहुत खतरनाक

बीजिंग
चीन ने 2008 में हुए मुंबई आतंकवादी हमले को सबसे खतरनाक हमलों में से एक करार दिया है। लश्कर-ए- तैयबा ने मुंबई में ताज होटल सहित कई जगहों पर हमला किया था,  जिसमें 166 लोग मारे गए थे। चीन ने शियानजियांग प्रांत में मुस्लिमों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर निकाले गए श्वेत पत्र में कहा कि बीते कुछ सालों में आतंकवाद और  अतिवाद के वैश्विक स्तर पर फैलने से मानव सभ्यता पर खासा असर पड़ा है।

शांति के लिए खतरा है आतंकवाद

आतंकवाद और अतिवाद के खिलाफ लड़ाई और शियानजियांग में मानवाधिकारों के संरक्षण नाम से प्रकाशित इस पत्र को तब जारी किया गया है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह  महमूद कुरैशी चीन की यात्रा पर हैं। पत्र के मुताबिक, आतंकवाद ने दुनियाभर में शांति और विकास के लिए खतरा पैदा किया है। आतंकवाद से लोगों के जीवन और संपत्ति को  नुकसान पहुंचा है। श्वेत पत्र में चीन ने आतंकवाद की समस्याओं को उस समय उठाया है, जबकि कुछ दिनों पहले ही चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना मसूद  अजहर को वैश्विक आतंकी करार देने के प्रस्ताव पर तकनीकी रोक (टेक्निकल होल्ड) लगा दी। चीन के इस कदम को भारत ने निराशाजनक बताया था। श्वेत पत्र के मुताबिक-चीन  ने हर तरह के आतंकवाद का विरोध किया है। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरी नीति अपनाने वालों का विरोध भी किया है। यह भी कहा कि बीजिंग आतंकवाद को किसी खास देश, संप्रदाय या धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखता। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए गरीबी खत्म करना जरूरी है, ताकि इससे जुड़े लोगों को कोई कमजोर कड़ी  न मिल सके।
14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदाईन हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। जैश-ए-मोहम्मद हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस  हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है। 26 फरवरी को भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाक में घुसकर आतंकी गुटों पर कार्रवाई की थी।

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