नारियल के बल्ले और कंचों से खेलकर महान बने लारा

दुबई
क्रिकेट के महान क्रिकेटरों में से एक ब्रायन लारा ने खेल में आने के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने चार साल की उम्र में नारियल की शाखा से बने बल्ले से शुरुआत की थी, जो  पेंटिंग करने वाले ब्रुश की तरह था। लारा ने आईसीसी क्रिकेट 360 से अपने क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत करने और पेशेवर क्रिकेटर बनने के लिए अपने पिता के बलिदान के बारे में  बात की। उन्होंने कहा कि मेरे भाई ने नारियल के पेड़ की शाखा से क्रिकेट के बल्ले का आकार बनाया। आप जानते हो कि कैरेबियाई सरजमीं उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र है और उन्हें अपने  नारियल के पेड़ बहुत पसंद हैं। मैं केवल चार वर्ष का था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 52.88 के औसत से टेस्ट में 11,953 रन, जबकि वनडे में 40.48 के औसत से 10,405  रन  बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे तो अपने दोस्तों के साथ हर उस चीज से खेलने लगते थे, जो उनके हाथ में आ जाती थी। उन्होंने कहा कि मैं गली क्रिकेट में विश्वास  करता हूं। मेरा मतलब कि हम हर चीज से क्रिकेट खेलने लगते थे। सख्त संतरे, नींबू या फिर कंचे से, चाहे घर का पीछे का हिस्सा हो, सड़क हो। मैं सभी खेल खेलता था। लारा ने  कहा कि हम बारिश के मौसम में फुटबॉल खेलते थे। मैंने टेबल टेनिस भी खेला है, लेकिन मुझे लगा कि मैं किसी अन्य के बजाए क्रिकेट में ज्यादा अच्छा कर रहा था। इसमें मेरे  पिता का असर रहा और उन्होंने फैसला किया कि मैं फुटबॉल कम खेलूं और क्रिकेट ज्यादा खेलूं। अपने पिता के बारे में लारा ने कहा कि मेरे पिता क्रिकेट को पसंद करते थे और  हमारे गांव में एक लीग चलाते थे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मुझे हर चीज मिले। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए काफी बलिदान किए कि मुझे सर्वश्रेष्ठ स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए हर चीज मिले।
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