पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

भारत द्वारा पाकिस्तान में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई बमबारी के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से हताशा व निराशा की स्थिति में है, उसके नेता और अधिकारी  अलग-अलग बोलियां बोलते दिखाई दे रहे हैं। अपनी बौखलाहट को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने एक बार फिर झूठ का सहारा लिया है और मीडिया में इस प्रकार का प्रचार कर रहा  है कि शायद उसने भारत के आतंकियों विरुद्ध अभियान को असफल कर दिया है। भारत के आतंकियों विरुद्ध सफल अभियान के बाद पाकिस्तान ने जहां झूठ का सहारा लिया, वहीं  भारतीय सीमा पर भारी गोलाबारी की और पाकिस्तान के हवाई जहाजों ने सीमा का उल्लंघन करते हुए भारत में प्रवेश किया। भारत ने अपनी सुरक्षा हेतु पाक हवाई जहाजों का  सामना किया और उनमें से एक को मार गिराया, जो पाक क्षेत्र में जाकर गिर गया। पाकिस्तान भारत को धमकाने तथा युद्ध करने की बात कर रहा है।
धरातल की स्थिति यह है कि दुनिया के बड़े देश भारत के समर्थन में खड़े हैं, वहीं पाकिस्तान अपने आतंकियों को समर्थित करने की नीति के कारण विश्व में अलग-थलग पड़ गया  है। पाकिस्तान एक गैर जिम्मेदार देश है। वह कब कोई गैर जिम्मेदाराना कदम उठा ले इस बारे में कहना मुश्किल है, इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा। पाकिस्तान की आंतरिक  राजनीति शायद भारत विरोध पर टिकी हुई है, उसी का लाभ वहां के राजनीतिक दल और सेना उठा रही है। भारत विरोधी नीति के कारण सेना का दखल वहां बढ़ता चला गया।  परिणामस्वरूप आज इमरान खान की सरकार की स्थिति एक कठपुतली सरकार से अधिक नहीं। इमरान सरकार की साख न देश में और न ही विश्व स्तर पर कोई है। दो मुंही नीति  के कारण पाकिस्तान को विश्व में भी कोई गंभीरता से नही लेता। अमेरिका से आतंक विरुद्ध लड़ने के लिए करोड़ों-अरबों रुपए की मदद लेने वाले पाकिस्तान से ही अमेरिका को  स्ट्राइक कर ओसामा बिन लादेन को मारना पड़ा था। पाकिस्तान भारत के साथ कभी बातचीत द्वारा सारे मसले हल करने की बात लिखित में भी देता है और मौखिक रूप से भी  करता है, लेकिन असल में आए दिन सीमा पर गोलाबारी करता है और आतंकियों को समर्थन और संरक्षण देता है। भारत ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के जिन ठिकानों पर हमला  कर ध्वस्त किया है वहां प्रत्येक प्रकार की सुविधाएं थी। करीब 700 लोगों के रहने का इंतजाम था, आधुनिक सुविधाओं से लैस यह जगह पांच सितारा होटल की तरह ही थी, जो अब  खंडर हो चुकी है। भारतीय हवाई सेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हुए हमले को विश्व के देशों ने जायज करार दिया है। भारत ने भी सुनिश्चित किया था कि हमले में  कोई नागरिक न मारा जाए और पाकिस्तान के सैनिक अड्डों को निशाना बनाया न जाए, क्योंकि भारत का लक्ष्य केवल और केवल आतंकियों के ठिकाने ही ध्वस्त करना था। भारत  की उपरोक्त मंशा को विश्व समझ रहा है और भारत द्वारा आत्मरक्षा हेतु उठाए कदम का समर्थन भी कर रहा है। भारत द्वारा उठाए कदम से पाकिस्तान सरकार घबराई हुई है और  लोगों में सरकार के प्रति रोष भी है। कटु सत्य यह ही है कि ऐसी स्थिति पाकिस्तान ने स्वयं ही पैदा की है। अपनी नकारात्मक सोच और नीति के कारण ही पाकिस्तान आज हर  दृष्टि से पिछड़ गया है। धरातल के सत्य को न समझ कर पाकिस्तान एक स्वप्न लोक में रह रहा है, जहां वह भारत विरुद्ध बोल कर तथा परमाणु बम को लेकर अपने अहम को  संतुष्ट करता चला आ रहा था, जिसे भारत ने एक बार फिर तोड़ दिया है।

- इरविन खन्ना

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