कैंसल हो रहि जेट की फ्लाईट्स

नई दिल्ली
जेट एयरवेज के जरिए अपनी गर्मी की छुट्टियों के लिए टिकट बुक कराने वाले हजारों यात्री परेशान हैं। इन यात्रियों को न केवल अपने प्लान खराब होने की चिंता है, बल्कि उनके  पैसे भी बर्बाद होंगे। बता दें कि जेट एयरवेज तकरीबन हर रोज बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसल कर रही है और टिकट कैंसल करने वाले यात्रियों को भारी कैंसलेशन फीस देनी पड़  रही है। सरकार ने जेट को बिना किसी जुर्माने के कितनी भी संख्या में फ्लाइट्स कैंसल करने की अनुमति दी है। लेकिन अगर कोई यात्री अपनी फ्लाइट कैंसल करने का फैसला लेता  है, तो इकॉनमी €लास के टिकट के लिए कैंसलेशन फीस 4,600 रुपए तक हो सकती है। खास बात है कि जेट ने पिछले महीने ही अपनी कैंसलेशन फीस बढ़ा दी थी। अधिकतर  यात्रियों को आखिरी 72 घंटे पहले तक यह नहीं बताया जा रहा कि उनकी फ्लाइट चालू रहेगी या कैंसल होगी। एक बार जेट टिकट कैंसल कर देती है तो कानूनी रूप से एयरलाइंस  को टिकट का किराया वापस देना होगा। हालांकि, उन यात्रियों के लिए भी तसल्ली की कोई बात नहीं हो रही जिन्होंने महीनों पहले कम कीमत में टिकट बुक कराया था। €क्योंकि अब  उन्हें दोबारा, दूसरी एयरलाइन से आखिरी समय में ऊंची कीमत पर टिकट बुक करना पड़ रहा है। इसके अलावा, एक दूसरा विकल्प है कि यात्री समय रहते अपना टिकट कैंसल करें  और भारी कैंसलेशन फी चुकाएं, लेकिन इस स्थिति में उन्हें अपने टिकट की लगभगग पूरी कीमत गंवानी होगी। एयर पैसेंजर असोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुधाकर रेड्डी ने कहा कि जेट को वॉल्यूंटरी ही कैंसलेशन फी नहीं लेनी चाहिए €क्योंकि इसके पास कोई फ्लाइट शेड्यूल डिसिप्लिन नहीं है। लेकिन यात्रियों की राहत के लिए डीजीसीए और सिविल  एविएशन मिनिस्ट्री कुछ नहीं कर रही। इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल, जेट हर दिन 120 फ्लाइट ऑपरेट कर रही है, जो इस एयरलाइन द्वारा ऑपरेट की जाने वाली  फ्लाइट का छठवां हिस्सा है। जेट के एक प्रव€ता ने एक दैनिक अखबार को बताया कि ग्राहकों द्वारा टिकल कैंसल करने पर उचित चार्ज और टिकट बुकिंग पर उचित किराया लेना  एयरलाइन की पॉलिसी के मुताबिक है।
जेट को करना चाहिए दो महीने का शेड्यूल पŽब्लिश ट्रैवल एजेंट्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के अनूप कनूगा ने कहा कि डायरे€टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीएपी) को  जेट से 2 महीने तक का फ्लाइट शेड्यूल करने को कहना चाहिए। जेट को उन फ्लाइट्स की लिस्ट देनी चाहिए जो वह 31 मई तक निश्चित रूप से ऑपरेट करेगी। इसके अलावा जो  यात्री तब भी अपनी फ्लाइट्स कैंसल करना चाहते हैं, उन्हें पूरा रिफंड वापस मिलना चाहिए ताकि वे किसी दूसरी एयरलाइंस से अडवांस टिकट खरीद सकें। पहले से शेड्यूल होने के  चलते, डीजीसीए भी जेट द्वारा इस्तेमाल न किए जाने वाले स्लॉट को दूसरी एयरलाइंस को दे सकता है, ऐसी स्थिति में दूसरी फ्लाइट्स ऑपरेट होंगी और गर्मियों की छुट्टों के सीजन  में फ्लाइट्स की कमी नहीं होगी व यात्रियों को परेशानी नहीं उठानी होगी।

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