सोशल मिडीया का खर्च भी उम्मीदवारोंके खाते मे

नई दिल्ली
बीते आम चुनाव के मुकाबले इस बार के इलेक्शन में काफी बदलाव दिखेंगे। इस बार 100 फीसदी ईवीएम में वीवीपैट की सुविधा रहेगी, ताकि वोटर यह जान सकें कि उनका वोट सही  जगह गया है या नहीं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी चुनाव आयोग ने कड़ी निगरानी का फैसला लिया है। इसकी जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा  कि सभी उम्मीदवारों को अपना नामांकन दाखिल करते व€त अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स का Žयोरा चुनाव आयोग को सौंपना होगा। चुनाव आयु€त ने कहा कि सोशल मीडिया पर  जारी होने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी। यही नहीं चुनाव आयोग ने गूगल, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब से राजनीतिक दलों से मिलने वाले  विज्ञापनों का वेरिफिकेशन करने को कहा है। असल में इसके जरिए चुनाव आयोग किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा मैटिरियल पर रोक लगाना चाहता है। यही नहीं, सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर जारी विज्ञापनों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई के लिए एक अधिकारी भी नियु€त किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर जारी विज्ञापनों के खर्च  को उम्मीदवारों के कुल खर्च में जोड़ा जाएगा।
मुख्य चुनाव आयु€त ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों ने चुनाव के दौरान हेट स्पीच जैसी सामग्री पर रोक लगाने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि हाल ही में चुनाव आयोग  ने सुरक्षा कर्मियों की तस्वीरों को प्रचार सामग्री में इस्तेमाल न करने की हिदायत दी है। पिछले दिनों एयर फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर को एक होर्डिंग में इस्तेमाल  किए जाने के बाद आयोग ने यह हिदायत दी है।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget