पानसरे और दाभोलकर हत्या मामले में मुख्यमंत्री का कोई हस्तक्षेप नहीं : तावडे

मुंबई
राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पर कॉम्रेड गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर की हत्या को लेकर जो सवाल उठाया है,वो  सिर्फ मीडिया में है जबकि न्यायालय ने ऐसा नहीं कहा है। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए विनोद तावड़े ने कहा कि कॉम्रेड पानसरे अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की जांच राज्य की एटीएस, एसआईटी और स्वतंत्र जांच एजेंसी सीबीआई कर रही है। जिसमें मुख्यमंत्री या कोई मंत्री  कैसे हस्तक्षेप कर सकता है। तावड़े ने कहा कि कुछ लोगों का आरोप है कि कर्नाटक में गौरी लंकेश की हत्या करने वाले आरोपियों को कर्नाटक पुलिस ने गिर तार इसलिए कर लिया  है कि वहां दूसरे विचार धारा की सरकार है,जबकि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार होने के कारण पानसरे और दाभोलकर के हत्यारों को अभी तक गिर तार नहीं किया है। शिक्षा मंत्री तावड़े ने कहा कि पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या पर सवाल उठाने वालों को बताना चाहता हूं कि इस मामलें में कुछ आरोपियों की गिर तारी हो चुकी है। साथ ही इस हत्या  में और जानकारी आदान -प्रदान के लिए कर्नाटक की एटीएस और महाराष्ट्र की पानसरे और दाभोलकर हत्या की जांच कर रही एजेंसी एक दूसरे से लगातार संपर्क में है।
तावड़े ने  कहा कि पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामलें की जांच के लिए बिठाई गई एसआईटी की जांच राज्य की एटीएस और सीबीआई कर रही, जिसमें मुख्यमंत्री और राज्य  के किसी मंत्री का हस्तक्षेप नहीं। बता दें कि बीते गुरुवार को पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामलें की मुंबई उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था मुख्यमंत्री के पास  कुल 11विभाग है ,जिसे गंभीरता और जिम्मेदारी से देखना चाहिए। न्यायालय के इस बयान के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री पर जमकर हमला  बोला और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पर आरोप लगाया था कि फड़नवीस राज्य के एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री नहीं ,बल्कि किसी पार्टी के नेता है।
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