ऑनलाईन गेमिंग बन सकती है करीअर की राह

नई दिल्ली
वीडियो-गेमिंग या कंप्यूटर गेमिंग  को दुनियाभर में अब ई-स्पोर्ट के नाम से जाना जाता है। भारत में भी कई बच्चे और नौजवान अब खेल के तौर पर ऑनलाइन गेमिंग को कैरियर  के रुप में अपना रहे हैं। भारत में ऐसे बहुत से युवा हैं, जिन्होंने गेमिंग को कैरियर के रूप में चुना है और वे हर महीने हजारों रुपया कमा रहे हैं। प्रोफेशनल गेमिंग भारत में एक कैरियर में बदल गई है। इसमें ऑनलाइन वीडियो गेम के खिलाड़ियों की टीमों का निर्माण किया जाता है और कंपनियों द्वारा नियमित वेतन पर रखा जाता हैं। वे राष्ट्रीय और  अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं जहां पुरस्कार राशि में कमाई 5 लाख रुपए से 20 लाख रुपए प्रति टूर्नामेंट तक हो सकती है। विश्व का नंबर वन गेमिंग ब्रांड हाइपर-ए€स  का अनुमान है कि साल 2019 में ई- स्पोर्ट्स का राजस्व 25 फीसदी बढ़ जाएगा। इसे देखने वालों की तादाद भी बढ़ कर 15 करोड़ हो जाएगी। हाल ही में दिल्ली के प्रगति मैदान में  तीन दिन का इंडिया गेमिंग शो हुआ। जिसमें गेमिंग से जुड़ी तमाम कपनियों ने शिरकत किया। हाइपर-ए€स इंडिया के मार्केटिंग निदेशक विशाल पारेख ने बताया कि एक सर्वे में दावा  किया गया था कि वर्ष 2000 से भारत में गेमिंग क्षेत्र बहुत विकसित हुआ है और जहां वर्ष 2015 में 198 मिलियन गेमर्स के होने की बात कही जा रही थी, वह वर्ष 2020 में सवा  छह सौ मिलियन को पार करने का माद्दा रखती है। भारत में पेशेवर गेमिंग तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा हाइपर-ए€स इंडिया के मार्केटिंग निदेशक विशाल पारेख ने बताया कि  हाइपर-ए€स हर उपयोगकर्ता की जरूरतों के हिसाब से इनोवेटिव हाई €वॉलिटी स्टोरेज सोल्यूशंस तैयार करने का प्रयास करता है। 3डी एनएएनडी टे€नोलॉजी की विशेषता वाले नए हाइपर-ए€स सेवेज ए€सो एसएसडी के साथ हाइपर- ए€स एसएसडी लाइनअप में असाधारण परफॉर्मेंस प्रॉड€ट्स की पेशकश जारी रखी है। सेवेज ए€सो एसएसडी का वजन 56 ग्राम है।

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