ओएनजीसी को मिली एकमात्र बोली

नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी को पुराने पड़ रहे विभिन्न ऑयल फील्ड से प्रौद्योगिकी इस्तेमाल कर उत्पादन बढ़ाने की अपनी महत्वकांक्षी पायलट परियोजना के लिए एकमात्र  कंपनी अमेरिकी तेल फील्ड-सेवा कंपनी श्लूमबर्गर लि. से बोली मिली। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। देश की इस शीर्ष तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी ने ऐसे पुराने तेल  उत्पादक क्षेत्रों से तेल की निकासी बढ़ाने के लिए पहली बार अंतर्राष्ट्रीय तेल सेवा कंपनियों को नियु€त करने की योजना बनाई है, जहां उत्पादन का स्तर ठहराव या गिरावट पर है। कंपनी ने पिछले साल गुजरात के कलोल फील्ड तथा असम में गेलेकी फील्ड में उत्पादन बढ़ाने का ठेका देने के लिए श्लूमबर्गर, हैलीबर्टन तथा जीई की अनुषंगी बाकर ढ्ढूजेज को  छांटा था। इन कंपनियों आगे निवदा प्रस्तुत करनी थी। अंत में केवल श्लूमबर्गर ने गेलेकी फील्ड के लिए वित्तीय बोली जमा की। कलोल फील्ड के लिए कोई बोली नहीं मिली है। एक  निर्धारित स्तर से उत्पादन बढ़ाने के लिए सेवा प्रदाताओं को उत्पादन बढ़ाने के लिए शुल्क दिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि श्लूमबर्गर ने निविदा शर्तों में कुछ बदलाव की मांग की है  और ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) कंपनी से इस पर चर्चा कर रही है। उसने कहा कि ओएनजीसी के शीर्ष अधिकारी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए  श्लूमबर्गर के साथ जल्दी अनुबंध करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
गेलेकी बोली के अनुभव के आधार पर कंपनी की कुछ अन्य पुराने तेल फील्डों के लिए इसी प्रकार की बोली आमंत्रित करने की योजना है। ओएनजीसी घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर गौर  कर रही है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक आयात पर निर्भरता में 10 प्रतिशत की कटौती के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। भारत फिलहाल अपनी कुल जरूरत का 83  प्रतिशत से अधिक तेल आयात करता है।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget