बेस्ट कर्मचारियों को इस महीने के अंत में मिलेगा वेतन

मुंबई
बेस्ट की खस्ता हाल का सबसे बड़ा खामियाजा बेस्ट के 40 हजार कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन को लेकर लेटलतीफ रहने वाली बेस्ट इस बार फरवरी का  वेतन मार्च आखिरी में देने का निर्णय लिया है, जिसको लेकर औद्योगिक न्यायालय से अनुमति भी ले ली है, लेकिन युनियन इस निर्णय के खिलाफ सोमवार को हाईकोर्ट का दरवाजा  खटखटाएगी।
बता दें कि पिछले दो साल से कर्मचारियों के वेतन देने में लेटलतीफी करने वाली बेस्ट इस बार और परेशान हो गई है। बेस्ट की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि अब कर्ज देने में  बैंक कन्नी काटने लगे है। बेस्ट की खस्ता हाल से वेतन देने में हो रही बार-बार देरी को लेकर युनियन ने औद्योगिक न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने कर्मचारियों  को 7 तारीख को वेतन दे देने का निर्देश दिया था, लेकिन फरवरी का वेतन देने के लिए बेस्ट के पास पैसे नहीं है। बेस्ट प्रशासन ने औद्योगिक न्यायालय से अनुमति मांगी है कि  इस महीने के आखिरी यानी 30 मार्च तक वेतन देने की छूट दी जाए और अगले तीन महीने तक 20 तारीख तक वेतन देने की छूट दी जाए। बेस्ट प्रशासन की मांग को औद्योगिक  न्यायालय ने अनुमति दे दी है। कर्मचारियों ने शिकायत की है कि हर महीने वेतन मिलने में हो रही देरी से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। उनका आरोप है कि है कि बच्चों को  समय पर फीस न दिए जाने पर शिक्षा और उनकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ता है। बेस्ट की मान्यता प्राप्त युनियन के अध्यक्ष शशांक राव ने बेस्ट के निर्णय और औद्योगिक न्यायालय द्वारा दी गई अनुमति के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जानकारी दी है।
राव ने कहा कि बेस्ट प्रशासन कोर्ट को गलत जानकारी देता है। बेस्ट की हालत इतनी खराब नहीं है कि कर्मचारियों का समय पर वेतन न दिया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि  बेस्ट कर्मचारियों का वेतन अनुबंध को लेकर युनियन द्वारा मांग किए जाने पर इस तरह का दिखावा किया जा रहा है। शशांक राव ने कहा कि हम इसकी पूरी जानकारी हाईकोर्ट के  सामने रखेंगे।
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