गांवों के विकास में सरपंचों का अहम योगदान : सीएम

मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि पंचायती व्यवस्था में गांव एक महत्वपूर्ण घटक है और गांवों के विकास में सरपंचों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। शनिवार को नागपुर के होटल  मेरिडियन में आयोजित सरपंच सम्राट एग्रीटेक पुरस्कार समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य व्यवस्था में गांव और ग्राम पंचायत एक महत्वपूर्ण कारक  हैं और गांव के समग्र विकास के लिए सरपंच पूरे गांव को एकत्रित करते हैं। इसके लिए वे अमूल्य योगदान देते हैं। गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सरपंच सच्चे अर्थों में ग्रामीण विकास के सच्चे दूत हैं। जल संरक्षण संबंधी कार्यक्रम और योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलयुक्त शिवार अभियान के अंतर्गत शुरू किए गए जल  संरक्षण के विभिन्न कार्यों को ग्रामीण स्तर पर सरपंचों के योगदान के कारण सफलता मिली है। जलयुक्त शिवार अभियान में लोगों का सहयोग मिलने के कारण यह एक जन  आंदोलन बन गया। इससे 16 हजार गांव जल समृद्ध हो गए हैं, जिससे सूखे की स्थिति से निपटना संभव हो गया है। गांवों में टैंकरों की संख्या कम हो गई है। उन्होंने कहा कि जल  शिवार अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों ने ये कर दिखाया है कि पिछले वर्ष 83 प्रतिशत बारिश का रिकॉर्ड उत्पादन केवल सुनिश्चित सिंचाई में वृद्धि के कारण संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने  कहा कि बागवानी क्षेत्र में 35 हजार तालाबों को मलिन बस्तियों और कीचड़ में मुक्त किया जा रहा है। इस कीचड़युक्त मिट्टी को खेतो में डालने से मिट्टी की उर्वरता और बांधों की  भंडारण क्षमता बढ़ जाएगी।
साथ ही 1.5 लाख तालाबों और सिंचाई कुओं के माध्यम से टिकाऊ सुनिश्चित सिंचाई की व्यवस्था निर्मित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान उत्पादक कंपनियों के कारण  किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकता है। इसके माध्यम से रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण विकास के संदर्भ में फड़नवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के  ग्रामीण इलाकों में कुल 42 हजार गांव हैं और 29 हजार ग्राम पंचायतें हैं। हर जगह की स्थिति दूसरी जगह से एकदम अलग है। पिछले साढ़े चार वर्ष के दौरान राज्य सरकार की  ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि ये सभी गांवों एवं ग्रामवासी आत्मनिर्भर हों और उनका निरंतर विकास होता रहे। फड़नवीस ने बताया कि  मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 30 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है। 18 हजार गांवों में पेयजल के लिए योजनाएं तैयार कर ली गई हैं।  14वें वित्त आयोग के तहत विकास के लिए ग्राम पंचायतों को सीधे धन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके चलते गांव में ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं को कार्यान्वित करने  में मदद मिल रही हैं।
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