उच्च रक्तचाप के आसान इलाज

मनुष्य का साधारण रक्तचाप 80.120 होता है। 90.140 से ऊपर जाने पर उच्च रक्तचाप माना जाता है। 70.110 से कम रक्तचाप रहने पर निम्न रक्तचाप होता है। अधिक क्तचाप  का होना कई बीमारियों को आमंत्रण देता है। ऐसा कुछ दिन रहने पर डॉक्टरी सलाह शीघ्र लें और रक्तचाप परीक्षण सुबह शाम करवाएं।

उच्च रक्तचाप के लक्षण:-

उच्च रक्तचाप रहने पर च€कर आते हैं, सिर घूमता है और काम करने को मन नहीं करता। नींद नहीं आती, नींद पूरी न होने से शरीर में काम करने की श€क्ति क्षीण पड़ जाती है।  नींद पूरी न होने से शरीर में थकावट महसूस होती है, चलने पर सांस फूलने लगता है और छाती में खिंचाव महसूस होता है। मन अशांत रहने से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है  और घबराहट महसूस होती है। इस प्रकार के लक्षण उच्च रक्तचाप को दर्शाते हैं। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श कर सावधानी बरतें।

आसान इलाज:-

  • अधिक नमक और चीनी का प्रयोग न करें।
  • भोजन करते समय अचार, पापड़ न खाएं, सलाद पर नमक न छिड़कें। सŽजी का सेवन अत्यधिक न करें। इससे फालतू नमक और घी शरीर में जाएगा जो नु€सान पहुंचाता है।
  • खाली पेट पका हुआ पपीता चबा चबाकर खाएं।
  • नियमित लंबी सैर पर जाएं।
  • दिन के भोजन के बाद छाछ का सेवन करें।
  • दो से तीन ग्राम मेथीदाना पाउडर सुबह शाम पानी से लें। यह डायबिटीज दूर करने के लिए भी लाभप्रद है। मेथीदाना का सेवन अधिक दिन तक न करें। दस दिन करके अपना Žलड  प्रेशर नपवाएं।
  • रात को तांबे के बर्तन में पानी भर कर रखें, जिसे सुबह खाली पेट पिएं।
  • चोकरयु€त आटे से बनी रोटी का सेवन करें।  रोटी को चबा कर खाएं।
  • नहाते समय थोड़े गुनगुने पानी से स्नान करें। नहाने के बाद तौलिए से शरीर को रगड़कर साफ करें और हथेलियों से शरीर को रगड़ें। इससे उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।
  • लगातार उच्च रक्तचाप रहने पर अधिक श्रम न करें। उचक्ति आराम लें।
  • दवा का सेवन डॉक्टरी परामर्श के बाद ही करें। स्वयं किसी के कहने पर दवा न खाएं। सुझाव
  • डॉक्टर के परामर्श के अनुसार अपनी दिनचर्या बनाएं।
  • अधिक उत्तेजना उच्च रक्तचाप के रोगियों को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • सुबह झटके से मत उठें। करवट लेकर आराम से उठें।
  • अधिक शोर से स्वयं को दूर रखें।
  • कोई भी व्यायाम अपनी इच्छा से न करें। डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • रक्तचाप दवा अपनी इच्छा से बंद न करें।
  • सफर पर अकेले कहीं दूर न जाएं।
  • तले हुए गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें।
  • कम वसा वाला दूध, दही प्रयोग में लाएं। पनीर भी घर पर कम वसा वाले दूध से बनाएं। अधिक चिकनाई हृदय की धमनियों में रूकावट पैदा कर सकती है।
- नीतू गुप्ता

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget