लघु उद्योगोंमे सृजन बढे

उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में पिछले चार साल में रोजगार सृजन में 13.9 प्रतिशत की वृद्धि की गई। उद्योग मंडल सीआईआई के एक सर्वे में यह कहा गया है। सर्वे का यह नतीजा  आधिकारिक और उद्योग के अन्य आंकड़ों से भिन्न है जिसमें नोटबंदी और जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद बड़े पैमाने पर रोजगार कम होने की बात कही गई है। निजी क्षेत्र के एक  शोध संस्थान ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि केवल 2018 में 1.3 करोड़ रोजगार की कटौती हुई जबकि आधिकारिक एनएसएसओ के आंकड़ों के मुताबिक बेरोजगारी दर 2018 में 46  साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। सीआईआई के एक लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के बीच किए गए ताजा सर्वे के अनुसार पिछले चार साल में शुद्ध रूप से रोजगार सृजन  में 13.9 प्रतिशत (3,32,394 नए रोजगार) की वृद्धि हुई। इसके मुताबिक सालाना आधार पर इन चार साल में हर साल 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सर्वे में विभिन्न क्षेत्रों में काम  कर रहे कुल 1,05,347 एमएसएमई को शामिल किया गया। ये इकाइयां देश में 350 औद्योगिक केंद्रों पर काम कर रही हैं।
सर्वे का नतीजा बताता है कि  एमएसएमई क्षेत्र में पिछले चार साल में सर्वाधिक रोजगार सृजित हुए और अगले तीन साल तक यही स्थिती बने रहने की उ्मीद है। जिन क्षेत्रों में अच्छी- खासी संख्या में रोजगार सृजित हुए, वे होटल तथा पर्यटन, कपड़ा तथा परिधान, धातु उत्पाद हैं। इसके बाद मशीन के कल-पुर्जे बनाने वाली इकाइयों, परिवहन एवं लाजिस्टिक  का स्थान स्थान रहा। सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र, गुजरात तथा तेलंगाना में सर्वाधिक रोजगार सृजित हुए वहीं निर्यात के मामले में महाराष्ट्र, तमिलनाडु तथा तेलंगाना का स्थान रहा।
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