’सराब’ से रहे सावधान : मोदी

मेरठ/जम्मू
पुलवामा हमले में शहीद हुए बसा टीकरी के लाल अजय कुमार को मंच से ही श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने यूपी की क्रांतिधरा मेरठ से चुनावी महासंग्राम का शंखनाद करते  हुए विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने भारी जनसमुदाय के बीच सपा-रालोद-बसपा को 'सराब’ की संज्ञा देते हुए कहा कि अच्छी सेहत के लिए 'सराब’ से बचना चाहिए। सराब सेहत  के लिए हानिकारक होती है। अच्छे भारत के भविष्य के लिए हानिकारक है। नए भारत के लिए हानिकारक है। इसलिए इस 'सराब’ से बचकर रहें, क्योंकि यह आपको बर्बाद कर  सकती है। उन्होंने कहा 2019 का चुनाव क्रांतिधरा से शुरू करने के पीछे एक वजह है। 1857 में इसी जगह से स्वतंत्रता का बिगुल बजा था। यही कारण है कि नए भारत के निर्माण  के लिए यहां से शुरुआत करने जा रहा हूं। उन्होंने चौधरी चरणसिंह को भी नमन किया।
पांच साल पहले आशीर्वाद मांगा था। आपने भरपूर प्यार दिया। आपने आशीर्वाद दिया था। मैंने कहा था ब्याज सहित लौटाऊंगा। मैंने जो काम किया है। उसका हिसाब भी दूंगा। अपना  हिसाब दूंगा और दूसरों का हिसाब भी लूंगा। ये दोनों काम साथ-साथ चलने वाले हैं। एक तरफ फैसले लेने वाली सरकार है। दूसरी तरफ फैसले टालने वाली सरकार है। एक तरफ  दमदार चौकीदार है, एक तरफ जालसाजी, वंशवाद है, दागदारों की भरमार है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो 70 साल में गरीबों के खाते नहीं खुलवा पाए, वे  खाते में पैसै कहां से डालेंगे। जब ये महान मिलावटी लोग बैठे थे, तब देश के अलग-अलग इलाकों में बम धमाके होते थे। ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे। उनकी जाति  के आधार पर तय करते थे कि आतंकवादी को बचाना है या उसे सजा देनी है। उन्होंने गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके राज में बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। मैं सम्मान  की बात करता हूं सम्मान काम का, बेटियों का, मान का अभिमान का। इस देश ने नारे लगाने वाली सरकार बहुत देखी, लेकिन यह सरकार संकल्प को सिद्ध कर रही है। जब से  योगी जी की सरकार आई है। तब से गुंडों और बदमाशों में डर और भय है। बेटियों के साथ अत्याचार करने वाले आज सौ बार सोचते हैं, क्योंकि आपके इस चौकीदार ने ऐसे लोगों को फांसी तक का प्रावधान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस चौकीदार को चुनौती देते थे, वे अब रो रहे हैं कि मोदी ने पाकिस्तान को घर में घुसकर क्यों मारा। मोदी ने यह क्यों किया, वह क्यों किया। विरोधियों में पाकिस्तान में मशहूर होने की होड़ लगी है।
मैं देश की जनता से पूछना चाहता हूं कि ख्या हमें सबूत चाहिए या फिर सपूत। जमीन हो आसमान हो, अंतरिक्ष या फिर सर्जिकल स्ट्राइक आपके इस चौकीदार की सरकार में है।  हमारे सैनिक वन रैंक वन पेंशन मांग रहे थे। हमने पूरा किया है। 50 करोड़ गरीब परिवार को लाभ दिया। जनधन योजना के तहत बैंक खाते खुलवाए। आप याद करिए 26 फरवरी  की उस रात को यदि उस वक्त थोड़ी सी भी चूक हो जाती, तो ये ख्या करते, मेरे पुतले जलाते, मुझे गालियां देते। आप आश्वस्त रहिए मैं देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर  लगाने को हमेशा तैयार रहने वाला व्यक्ति हूं। कोई भी राजनीतिक ताकत आपके इस चौकीदार को नहीं डरा पाएगी। उन्होंने कहा कि मैं क्यों किसी दबाव में आऊं? मेरे पास अपना है ही ख्या, जो भी कुछ है इस देश ने दिया है। पीएम ने राहुल गांधी के उन्हें थिएटर दिवस की बधाई देने वाले बयान पर कहा कि कुछ लोगों की बुद्धिमत्ता पर दुख होता है, जिन्होंने  ए-सैट को थिएटर का सेट समझ लिया। समझ नहीं आता कि ऐसे लोगों की बुद्धिमत्ता पर हंसें या फिर रोएं।
मोदी ने गुरुवार को जम्मू के अखनूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि पाकिस्तान में बैठे लोग चाहते हैं कि चौकीदार सत्ता से हटे और महामिलावट  गठबंधन सरकार में आ जाए। आने वाले 11 अप्रैल को आप जब ईवीएम का बटन कमल के फूल के सामने दबाएंगे तो उसकी आवाज देश के भीतर जमे आतंकियों में खलबली  मचाएगी। ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत को दहलाने के लिए आने वाले आतंकी भी सौ बार सोच रहे हैं। मैं हैरान हूं कि देश के दुश्मन को सबक सिखाने के अभियान के बीच कांग्रेस और उसके साथियों को ख्या हो गया है। समझ नहीं आता कि ख्या यह सरदार पटेल की वही कांग्रेस है, जिसने देश की एकता के लिए सबकुछ लगा दिया था। मेरी आत्मा तो  यही कहती है कि यह वह कांग्रेस नहीं है। मोदी विरोध की जिद में कांग्रेस को देशहित दिखना बंद हो गया है और देश से इतर कांग्रेस कुछ अलग बात कर रही है। पाकिस्तान में  दुआ मांगी जा रही है कि किसी तरह चौकीदार सत्ता से हटे और महामिलावट वाला गठबंधन सत्ता में आ जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की समस्याओं और जम्मू-कश्मीर को  आज हो रही दिक्कतों के लिए नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस जिम्मेदार है। इन सभी के लिए सत्ता और वंश बचाना जरूरी है और देश का हित इनके लिए मायने नहीं रखता।  कांग्रेस के विचारकों और नीति-निर्धारकों ने आतंक के पनाहगारों का हौसला बनाया है। इसी का अंजाम जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश को दशकों से भुगतना पड़ा है। यह वे लोग हैं, जो  देश के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं करते।

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