शिवसेना को अपना गढ़ बचाने की चुनौती

मुंबई
लोकसभा चुनाव 2019 के तहत दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को होना है। दूसरे चरण में महाराष्ट्र की 10 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है। प्रदेश की बुलढाणा लोकसभा  सीट पर भी इसी दिन वोटिंग होगी। इस सीट पर शिवसेना का परचम रहा है। 1999 के बाद से ही यह सीट शिवसेना के कब्जे में है। इस बार इस सीट पर 12 प्रत्याशी मैदान में हैं।  ऐसे में शिवसेना को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना जताई जा रही है। महाराष्ट्र की बुलढाणा लोकसभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बुलढाणा, चिखली, सिंदखेद  राजा, मेहकर, खामगांव और जलगांव (जमोद) शामिल हैं। इस सीट पर 1951 में पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। उस चुनाव में कांग्रेस के गोपालराव बाजीराव  खेडकर जीते थे।
गौरतलब है कि बुलढाणा लोकसभा सीट पर कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था। 1951 से लेकर अब तक इस सीट पर 10 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा इस सीट  पर महज एक बार ही जीत पाई है। 1989 में भाजपा के सुखदेव नानाजी यहां से जीते थे। इसके बाद शिवसेना यहां पहली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। शिवसेना के आनंदराव  विथोबा अदसुल यहां से जीते थे। इसके बाद 1998 में कांग्रेस फिर यहां लौटी और मुकुल वासनिक यहां से सांसद बने। इसके बाद 1999 से अब तक यह सीट शिवसेना के पास है।  यहां से प्रतापराव जाधव सांसद हैं।
महाराष्ट्र की बुलढाणा लोकसभा सीट पर 2009 में हुए चुनाव में भी शिवसेना ने प्रतापराव जाधव को मैदान में उतारा था। जाधव पहली बार यहां से लड़ रहे थे। उन्होंने इन चुनाव में  3.53 लाख वोट पाकर जीत दर्ज की थी। यहां से राकांपा के प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र शिंगणे को 3.25 लाख वोट मिले थे।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget