आरक्षित सीटों पर भाजपाशिवसेना गठबंधन मजबूत

मुंबई
महाराष्ट्र की कुल 48 लोकसभा सीटों में से 17 सीटों पर अनूसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के वोटर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य  की 9 लोकसभा सीट रामटेक, अमरावती, लातूर, सोलापुर, शिर्डी अनूसूचित जाति तथा गढचिरौली-चिमूर, दिंडोरी, पालघर और नंदूरबार अनूसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। वर्ष  2014 के लोकसभा चुनाव में अनुसूचित जाति की पांच सीटों में से दो सीट पर शिवसेना, जबकि बाकी बची सीटें भाजपा के खाते में गई थी। ऐसे में कांग्रेस-राकांपा को इन सीटों से  समीकरण बदलना होगा, लेकिन उनकी राह में प्रकाश आंबेडकर और असदुद्दीन ओवैसी की बहुजन वंचित आघाडी बाधा बनकर खड़ी है। राज्य की 11 लोकसभा सीटों में एससी/एसटी  की आबादी 20 फीसदी से अधिक है, जबकि छह सीटों पर 30 फीसदी से अधिक है। नंदूरबार लोकसभा सीट पर एसटी की सबसे अधिक 58.90 फीसदी आबादी है, वहीं दिंडोरी और  पालघर में एससी/एसटी की संयुक्त आबादी 40 फीसदी से ज्यादा है। चंद्रपुर लोकसभा सीट में 12.40 अनुसूचित जाति, जबकि 32.10 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति की है। वर्ष  2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 23 सीटों, जबकि शिवसेना ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। एक सीट स्वाभिमान शेतकरी संगठन के खाते में गई थी। कांग्रेस मात्र 2 और  राकांपा 4 सीटों पर सिमटकर रह गई थी। महाराष्ट्र की आरक्षित सीटों पर एक बार फिर भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस-राकांपा में खासी ट कर देखने को मिलेगी।
हालांकि कांग्रेस-राकांपा को कुछ सीट पाने के लिए काफी संघर्ष करना होगा। कांग्रेस-राकांपा की राह में प्रकाश आंबेडकर की अगुवाई वाली बहुजन वंचित आघाडी बड़ी बाधा बनेगी।  कांग्रेस-राकांपा ने प्रकाश आंबेडकर को अपने खेमे में शामिल करने की काफी कोशिश की, लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए। दलित और मुस्लिम वोटों में विभाजन से भाजपा- शिवसेना को मदद मिलने की उम्मीद है और रामदास आठवले की आरपीआई के प्रतिबद्घ मतदाताओं से भगवा गठबंधन को और भी फायदा होगा। कुछ सीटों पर दिलचस्प मुकाबला  देखने को मिल रहा है। पहले रामटेक सीट का प्रतिनिधित्व पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव करते थे। इस बार वर्तमान शिवसेना सांसद कृपाल तुमाने का मुकाबला पूर्व आईएएस  अधिकारी किशोर उत्तमराव गजभिए से हो रहा है। गजभिए को मुकुल वासनिक की पसंद बताया जाता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता उनके खिलाफ थे। अमरावती सीट पर  शिवसेना सांसद आनंदराव अडसूल का मुकाबला राकांपा समर्थित प्रत्याशी नवनीत कौर से हो रहा है। नंदूरबार में कांग्रेस को विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है। वहां पूर्व सांसद  माणिकराव गावित के बेटे भरत गावित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। कांग्रेस ने यहां से केसी पडवी को टिकट दिया है। यहां से भाजपा की वर्तमान सांसद हीना गावित  चुनाव मैदान में हैं।
इस वब्त संपूर्ण महाराष्ट्र का ध्यान सोलापुर सीट पर लगी हुई है। इस सीट से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने  जयदेश्वर स्वामी को टिकट दिया है, जबकि बहुजन वंचित आघाडी की तरफ से प्रकाश आंबेडकर चुनाव मैदान में हैं। दिंडोरी सीट पर जब राकांपा ने धनराज महाले को टिकट दिया तो  भारती पवार को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया है।

Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget