सब्सिडी के लिए स्थानीय कल-पुर्जों के इस्तेमाल की हटाई जाए शर्त

मुंबई
इले€क्ट्रिक वाहनों के विनिर्माताओं के संगठन (एसएमईवी) ने मंगलवार को परियोजना क्रियान्वयन और मंजूरी समिति (पीआईएससी) से फेम-2 योजना के तहत इले€क्ट्रिक- मोटरसाइकिल पर सŽब्सिडी को लेकर स्थानीय कल-पुर्जों के उपयोग तथा शोरूम की कीमत को आधार बनाने की शर्त हटाने का आग्रह किया है। समिति को लिखे पत्र में एसएमईवी ने  बस बैटरी सŽब्सिडी के अनुरूप ई-बाइक के लिए सŽब्सिडी को मौजूदा 18,000 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रति किलोवाटा घंटा करने की सिफारिश की है। समिति की इस सप्ताह  राष्ट्रीय राजधानी में बैठक होनी है।
संगठन ने पीआईएससी को लिखे पत्र में कहा कि एसएमईवी समिति सदस्यों को ई-मोटरसाइकिल सŽब्सिडी को स्थानीय आधार पर बने कल-पुर्जों और शोरूम कीमत से नहीं जोड़ने का  आग्रह किया है। साथ ही एक बार चार्ज पर यात्रा की अधिकतम दूरी 80 किलो मीटर की जगह 60 किलोमीटर रखी जानी चाहिए। सरकार ने पिछले महीने सŽब्सिडी के लिए पात्रता  मानदंड पेश किए। इन श्रेणी के इले€क्ट्रिक वाहनों को लेकर योजना के तहत प्रोत्साहन लेने के लिए यह न्यूनतम शीर्ष गति, प्रति चार्ज रेंज तथा गति के साथ ऊर्जा खपत दक्षता पर  आधारित है। इसके अलावा यह भी शर्त है कि विनिर्माताओं को वाहनों में 50 प्रतिशत स्थानीय कल-पुर्जों का उपयोग करना होगा। सरकार ने पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने  के लिए 2015 में फेम इंडिया योजना शुरू की थी।
योजना का दूसरा चरण 10,000 करोड़ रुपए के व्यय से इस साल एक अप्रैल से तीन साल के लिए है। इसमें इले€क्ट्रिक बस, यात्री वाहन के साथसाथ तीन पहिया एवं दो पहिया वाहन  हैं। योजना पर नजर रखने, मंजूरी तथा क्रियान्वयन को लेकर भारी उद्योग सचिव की अध्यक्षता में एक अंतरमं त्रालयी अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है।
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