हार्दिक पटेल को नहीं मिली राहत

नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल की गुजरात उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया,  जिसमें 2015 के विसपुर दंगा मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने को अस्वीकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति अरुण मिश्र के नेतृत्व वाली पीठ के समक्ष इस मामले का  तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया गया था। पीठ में न्यायमूर्ति एमएम शांतानागोदर और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा भी शामिल हैं। पटेल की ओर से पेश हुए वकील से पीठ ने कहा  कि इस याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है, क्योंकि उच्च न्यायालय का आदेश पिछले साल अगस्त में आया था। पीठ ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार करते  हुए कहा कि आदेश अगस्त 2018 में पारित हुआ था। अब तत्काल सुनवाई की क्या जरुरत है? पटेल ने उच्च न्यायालय के 29 मार्च के आदेश को चुनौती देते हुए सोमवार को  उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय का फैसला उनके चुनाव लड़ने की राह में बाधा डाल रहा है। पटेल ने 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी  के टिकट पर जामनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी।

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