मोदी ने न्याय पर कांग्रेस को घेरा

थेनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के चुनावी वादे न्याय पर पार्टी को घेरते हुए जानना चाहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों, दलितों के खिलाफ हिंसा  और भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के साथ न्याय कौन करेगा। मोदी ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और बेईमानी खास दोस्त हैं, लेकिन कभी कभार  वे गलती से सच्चाई बयां कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब वे कह रहे हैं अब होगा न्याय भले ही वे इसकी मंशा नहीं रखते हों, उन्होंने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने 60 वर्ष तक  अन्याय किया है। मोदी ने जानना चाहा, मैं कांग्रेस पार्टी से जानना चाहूंगा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में न्याय कौन करेगा? कौन दलित विरोधी दंगों के पीड़ितों के साथ न्याय  करेगा, कौन एमजी रामचंद्रन की सरकार के साथ न्याय करेगा, जिसे कांग्रेस ने केवल इस लि बर्खास्त कर दिया, क्योंकि एक परिवार को वे नेता पसंद नहीं थे। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के साथ न्याय कौन करेगा, जो भारत की सबसे खराब पर्यावरण आपदा थी।
प्रधानमंत्री ने इंगित किया कि इस प्रकार की अप्रिय घटनाएं कांग्रेस के शासन के दौरान हुईं। उन्होंने कहा कि मैं एमजीआर और जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत को  इन दो महान नेताओं पर गर्व है, जिन्होंने गरीबों के लिए काम किया और जिंदगी उनके प्रति समर्पित कर दी। उनकी सामाजिक कल्याण योजनाओं ने लाखों लोगों को गरीबी से बाहर  निकाला। भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि याद रखिए कि तमिलनाडु को समृद्ध बनाने के लिए द्रमुक और कांग्रेस के इस खेल को समाप्त करना होगा। हमें अपने  श्रीलंकाई तमिल भाइयों की समृद्धि के लिए काम करना जारी रखना होगा और भ्रष्ट परिवारों के वंशवादी शासन को समाप्त करना होगा।
अन्नाद्रमुक श्रीलंका में 2009 में युद्ध के दौरान तमिल नागरिकों की हत्या को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाने का आरोप द्रमुक और कांग्रेस पर लगाती आई है। मोदी ने एक  तरह से उनकी बात का समर्थन किया है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि देश गवाह है कि पिता वित्त मंत्री बना और बेटे ने देश को लूटा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के  पलानीस्वामी ने द्रमुक पर बरसते हुए कहा कि वह पड़ोसी राज्य केरल में किसे समर्थन देंगे। कांग्रेस को अथवा माकपा को। तमिलनाडु में द्रमुक सेक्यूलर प्रोग्रेसिव एलाएंस की अगुवाई  कर रहा है जिसमें कांग्रेस तथा वाम दल शामल हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि द्रमुक, कांग्रेस और उनके महामिलावटी मित्र विश्वपटल पर दर्ज  भारत की तरक्की को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसलिए उनसे नाराज हैं।
मोदी ने द्रमुक-कांग्रेस गठजोड़ पर तंज कसते हुए कहा कि जो घोर शत्रु थे उन्होंने हाथ मिला लिए हैं बावजूद इसके कि बीते वक्त में राष्ट्रीय पार्टी दक्षिण भारत की अपनी सहयोगी  पार्टी को अपमानित कर चुकी है।
प्रधानमंत्री ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत विश्वपटल पर तेजी से पहचान बना रहा है। कांग्रेस, द्रमुक और उनके महामिलावटी मित्र यह स्वीकार  नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाखुश हैं। मोदी लगातार विपक्ष के महागठबंधन को महामिलावटी संबोधित करते आ रहे हैं। उन्होंने द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन के उस प्रयास  पर भी व्यंग्य किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का प्रस्ताव रखा था। मोदी ने कहा कि विपक्ष में से किसी ने भी इसका  अनुमोदन नहीं किया, क्योंकि वे सभी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं और इस पद पर आसीन होने का सपना देख रहे हैं। मोदी ने कहा,कुछ दिन पहले द्रमुक प्रमुख ने नामदार को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था, लेकिन कोई इसे स्वीकारने के लिए तैयार ही नहीं था, यहां तक कि उनके महामिलावटी मित्र भी नहीं, क्योंकि वे तो खुद प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं और इस पद पर आसीन होने का सपना देख रहे हैं।

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