विकासशील से विकसित की ओर

इसमें किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए कि आज विश्व को हमें देखने का नजरिया बदला है, साथ ही पाकिस्तान और चीन जैसी हमारी चिर अशुभ चिंतकों से डील करने की, हमारी रीति-नीति में भी बदलाव आया है। आज हम सुरक्षा के हर बिंदु पर चाहे वह सवाल पाक खड़ा कर रहा है या चीन आक्रामक है और यह आक्रामकता दोनों महसूस कर रहे हैं।  चीन मीठा-मीठा बोल रहा है और पाक को दो ही सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब हमारे हमले होने के दिवास्वप्न आ रहे हैं। अब वह या उसके स्वनाम धन्य मंत्री या नेता अणु शक्ति  होने की धमकी नहीं दे रहे। आज हमारी धाक सैन्य मामलों में जल, थल, नभ सर्वत्र है और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। आर्थिक फ्रंट पर भी हमारी उपलब्धि पर दुनिया रश्क  कर रही है।
हम आज विश्व की छठी अर्थव्यवस्था है और बड़ी तेजी से और लोगों को पीछे छोड़ प्रथम तीन की पंक्ति में आने की ओर बढ़ रहे हैं। देश में भी बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछ  रहा है। जिसे चौमुखी विकास कहते हैं, उस दृष्टि से कार्य हो रहा है और दिख रहा है यह कोई नहीं कह सकता कि यह सब पांच साल में हुआ है। ऐसी सफलता के लिए मजबूत  आधार लगता है, जो तमाम भ्रष्टाचार, लेट-लतीफी, लालफीताशाही के बावजूद भी बना, परंतु उसकी गूंज देश और दुनिया में हो रही है और उसके जो सकारात्मक परिणाम सामाने आ  रहे हैं वैसा पहले कभी नहीं था। तब हम बैकफूट पर खेलते थे, आज हर बिंदु पर फ्रंट फूट से खेल रहे हैं, इसका सारा श्रेय केंद्र की भाजपा नीत सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी के  नेतृत्व को जाता है। उन्होंने अपने सपनों का भारत बनाने में अपने को झोंक दिया अपने श्रम और प्रयास में कोई कोताही नहीं की और आज भाजपा चुनावी समर में उसे ही भुना रहे  हैं, तो इस पर विपक्ष के पेट में मरोड़े उठें, तो यह सर्वथा अनुचित है। भाजपा उक्त उपलाब्धियों को रेखांकित करते हुए कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक विकास का संकल्प लेते  हुए एक ऐसा घोषणा पत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें देश को अगले पांच सालों में विकासशील देश के खांचे से बाहर निकाल कर विकसित राष्ट्र में परिवर्तित करने का उसका ध्येय है।  कुल मिलाकर इस घोषणा पत्र में अपने समान नागरी कायदा,अनुच्छेद 35ए, राम मंदिर जैसे मुद्दों पर पार्टी की प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए किसान, महिला युवा गरीब हर वर्ग का  ध्यान रखते हुए वादे किए गए हैं। अब यह वादा पत्र जनता के समाने है, परंतु यह सत्य है कि गत पांच साल में हर देशी और विदेशी एजेंसी ने सरकार आर्थिक, सामाजिक और  विकासात्मक नीतियों को सराहा है और गरीबी हटाने में किसानों के सहयोग देने में काफी प्रगति हुई है और भ्रष्टाचार के बिंदु पर भी हमारी रेटिंग काफी सुधरी है। अब देखना यह है  कि जनता जर्नादन इसका कैसा अनुमोदन अपने मताधिकार के मार्फत करता है। रही बात विपक्ष की तो सत्ता और विपक्ष दोनों का काम है, जनता के समाने एक-दूसरे से बेहतर  दिखाना। वह पूरे चरम पर है। कांग्रेस को भाजपा की वादों में खोट दिखता है, तो भाजपा का कांग्रेस के। सही क्या है यह तो जनता की अदालत तय करगी, क्योंकि वही प्रजातंत्र
की असली मालिक है। देश को हर तरह से सुजलाम सुफलाम देखना हर भारतवासी का सपना है। हर देशवासी कश्मीर समस्या का समाधान चाहता है और उसे भी वैसे ही देश के  मुख्य प्रवाह में चाहता है जैसे बाकी राज्य हैं। अब देखना यह है कि देश का मतदाता किस तरह यह सब करने के लिए पात्र बनाता है। कौन देश को विकासशील से विकास की ओर  ले जाता है। फिलहाल तो पसंगा भाजपा के पाले में झुकता नजर आ रहा है। कारण उसके दौर में कई ऐसे चीजें हुईं, जिसे हम असंभव मानते थे और देश की कई नकारात्मकताएं  सतत कम हो रही हैं।

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