टैंकर के लिए 2018 की जनसंख्या को बनाया जाए आधार : सीएम

मुंबई
पानी के टैंकर शुरू करते समय 2011 की जनसंख्या को ध्यान में न रखते हुए वर्ष 2018 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए पीने के पानी की आपूर्ति की जाए। जानवरों के लिए   इसी पद्धति से पीने के पानी का नियोजन करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने दिए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को वर्षा निवास स्थान से ऑडिओ ब्रिज के माध्यम से बीड जिले के  सरपंच, ग्रामसेवक, गट विकास अधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिलाधिकारी से सूखे की उपाय योजनाओं के संदर्भ में संवाद साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के जानवरों  की संख्या को ध्यान में रखते हुए चारा छावनियां शुरू करके जल आपूर्ति की जाए। सूखा-रोहयो के काम, तत्काल शुरू हो सकते हैं, ऐसी जल आपूर्ति योजनाओं के लिए चुनाव आचारसंहिता बाधा नहीं है। अधिकारी विविध आवश्यक कार्यों को तत्काल मंजूरी दें, कार्यों के लिए निधि की कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीड जिले में 11 तहसीलों में से  आष्टी तहसील में सबसे अधिक 157 टैंकर्स शुरू है। वडवणी और परली वैजनाथ तहसील में कम से कम नौ टैंकर्स कार्यरत हैं। जिले में कुल 852 टैंकर्स इस समय काम कर रहे हैं।  पीने के पानी की किल्लत के निवारणार्थ बीड जिले में आखिर नौ नल पानी आपूर्ति योजनाओं की दुरुस्ती, 11 तात्कालिक नल पानी आपूर्ति योजना एवं 904 कुओं का अधिग्रहण कर  पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से करने के लिए सतर्क किया गया है। पीने के पानी की नल पानी आपूर्ति योजनाओं की 97.99 लाख रुपए इतनी विद्युत देयकों की रकम भर दी गई है  और जिले के 11 तहसीलों में 600 सरकारी चारा छावनियां शुरू है। इसमें 3,87,616 बड़े जानवर, 31,211 छोटे जानवर ऐसे कुल 4,18,827 जानवर शामिल हैं। जिले में सभी 11  तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है और कुल 1402 गांवों के 7,84,143 किसानों को 428.39 करोड़ रुपए की मदद किसानों के बैंक खाते में जमा की गई है। मुख्यमंत्री ने आगे  कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जिले में 1857 काम शुरू है और इस पर 33,769 मजदूर मौजूद हैं।
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