आज मतगणना

नई दिल्ली
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर मचे शोर से आज काउंटिंग के दौरान हिंसा या गड़बड़ी की आशंका को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को आगाह किया है। इसके अलावा, कुछ  तबकों द्वारा हिंसा भड़काने वाले बयानों के मद्देनजर केंद्र ने सभी राज्यों से काउंटिंग स्थल और ईवीएम स्ट्रांग रूम्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा है। गृह  मंत्रालय ने काउंटिंग के मद्देनजर देश के अलग- अलग हिस्सों में हिंसा भड़कने की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को आगाह किया है।  मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कानून और व्यवस्था व शांति बनाए रखने को कहा है।
इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से स्ट्रांग रूम्स व काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि कई  तबकों द्वारा हिंसा भड़काने वाले बयान और मतगणना के दिन अव्यवस्था या गड़बड़ी फैलाने की बात कही गई है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के  अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को बेहद भड़काऊ बयान दिया था। ईवीएम से कथित छेड़छाड़ और कथित स्वैपिंग को लेकर कुशवाहा ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ, तो सड़कों  पर खून बहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हथियार उठाने की जरूरत पड़ी, तो लोग हथियार उठाएंगे। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी कुछ अराजक और शरारती तत्वों द्वारा  हिंसा भड़काने वाले पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। कुछ में तो लोगों से ईवीएम से लदी गाड़ियों को आदमियों समेत फूंकने तक की भड़काऊ अपीलें की गई हैं।
बता दें कि लोकसभा के चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक 7 चरणों में संपन्न हुए। पश्चिम बंगाल को छोड़कर ज्यादातर राज्यों में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुए। सभी एग्जिट पोल में  एक बार फिर से एनडीए सरकार की भविष्यवाणी की गई है। आज मतगणना होनी है, लेकिन उससे पहले ही विपक्ष ने ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ का मुद्दा छेड़ दिया है। विपक्ष  ने सभी वीवीपैट पर्चियों के मिलान की चुनाव आयोग से मांग की थी, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था।
इससे पहले, विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि काउंटिंग के दिन 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों की गिनती का ईवीएम में दर्ज वोटों से मिलान की जाए। सुप्रीम कोर्ट भी  इस मांग को खारिज कर दिया है। मंगलवार को 22 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर काउंटिंग के दिन ईवीएम में दर्ज वोटों की गणना से पहले हर असेंबली सेगमेंट की  5 वीवीपैट पर्चियों की ईवीएम में दर्ज वोटों से मिलान की मांग की थी। हालांकि, आयोग ने इस मांग को भी खारिज कर दिया। विपक्ष ने चुनाव आयोग के सामने यह भी मांग की थी  कि अगर एक भी बूथ पर ईवीएम में दर्ज वोट और वीवीपैट पर्चियों की काउंटिंग मिसमैच हुई, तो संबंधित विधानसभा की सभी वीवीपैट पर्चियां गिनी जाएं।


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