मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए सरकार की नई पहल

जौनपुर
देश की मिट्टी अपने हाथ, आओ कराएं इसकी जांच। बीमार मिट्टी की सेहत सुधारने के योगी सरकार ने विशेष पहल शुरू की है। प्रत्येक विकास खंड में एक-एक माडल गांवों का चयन  करके खसरा-खतौनी के आधार पर हर किसान के खेत की मिट्टी की मुफ्त जांच करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाएगा। खात पहलू है कि माडल गांव में ग्रिड के आधार पर नहीं बल्कि जोत के आधार पर नमूना लिया जाएगा। आदेश आने के साथ ही गांवों के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग और जैविक खादों न  डालने से खेतों की मिट्टी बीमार होती जा रही है। बढ़ती जनसंख्या और घटते उत्पादन के कारण खाद्यान्न संकट से उबरने के लिए सरकार द्वारा अभियान चलाकर मिट्टी की जांच  करने की योजना संचालित है। किसानों को इसके प्रति जागरूक भी करने का आदेश दिया गया है। व्यवस्था में खामी या जिम्मेदारों की लापरवाही कहें, कई साल से योजना के चलने  के बाद भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। सरकार ने इसमें सुधार के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना संचालित किया है।
नेशनल मिशन फार सस्टेंनेबल एग्रीकल्चर 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 के लिए 55600 ग्रिड का मृदा नमूना लिए जाने का लक्ष्य है। यह नमूने जिले के  788 राजस्व गांवों से लिए जाएंगे। कृषि निदेशक के निर्देश के क्रम में 30 जून तक जिले को आवंटित लक्ष्य का 50 प्रतिशत अर्थात 27800 मृदा नमूना लिया जाएगा।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget