गुणोंसे भरपूर है गुलाब

फूलों का नाम आते ही गुलाब का फूल एकदम आंखों के सामने अपनी आभा बिखेरने लगता है। गुलाब एक जाना पहचाना फूल है। यह फूल के साथ-साथ एक जड़ी बूटी भी है। गुलाब  का फूल कई रंगों में होता है यथा लाल गुलाब, हल्का गुलाबी, सफेद तथा हल्का पीला। हमारे देश में गुलाब का पौधा सारे भारत में पैदा होता है। गुलाब का पौधा अधिक लंबा नहीं  होता और शाखाएं कांटेदार होती हैं। गुलाब का फूल फूलों का राजा माना जाता है जिसे माला बनाने, गुलदस्ता सजाने, घर की सजावट के लिए प्रयोग किया जाता है। गुलाब  सजावट  के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुन्दरता हेतु भी प्रयोग में लाया जाता है।
गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाब का शर्बत, इत्र, अर्क, गुलाब जल और गुलकन्द बनाया जाता है। इसके अलावा गुलाब के और कई उपयोग हैं। आइए देखें कि हम इसको किस प्रकार  प्रयोग में लाकर अधिक से अधिक लाभ उठा सकते हैं।
  • ˜आंखों की जलन, खुजली दूर करने के लिए दोनों आंखों में 2-2 बूंद गुलाबजल डालने से इन शिकायतों को दूर किया जा सकता है।
  • कब्ज दूर करने के लिए नियमित रूप से 2 चम्मच गुलकन्द का सेवन सुबह शाम करने से लाभ मिलता है।
  • मुंह में छाले होने पर गुलाब के फूलों का काढ़ा बना कर कुल्ला करने से छाले दूर होते हैं। गुलकन्द दो चम्मच सुबह और शाम को खाने से पका हुआ मुंह भी ठीक होता है।
  • दिल की धड़कन तेज होने पर सूखे हुए गुलाब की पंखुड़ियों का चूर्ण और मिश्री बराबर मात्रा में एक चम्मच सुबह एक चम्मच शाम को दूध के साथ लें। धड़कन सामान्य हो जाती है। 
  • ˜कान दर्द में गुलाब जल की दो-दो बूंदें दोनों कानों में डालने से दर्द में आराम मिलता है।
  • हाथों-पैरों या शरीर में जलन होने पर चंदन के पाउडर में गुलाब जल मिला कर जलन वाले स्थान पर लेप करें। थोड़ी देर में जलन शांत हो जाएगी।
  • गुलाब जल में चंदन तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से छपाकी ठीक होती है। भोजन के तुरन्त बाद गुलकंद खाने से हाजमा ठीक होता है।
  • पसीने की दुर्गन्ध दूर करने के लिए गुलाब की ताजी पंखुड़ियों को थोड़े से पानी के साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर, पूरे शरीर पर उसकी मालिश कर 5-1० मिनट तक छोड़ दें। थोड़ी देर बाद स्नान करने से दुर्गन्ध दूर हो जाती है। इस प्रकार का स्नान सप्ताह में तीन बार करें।
  • लू लग जाने की स्थिति में पानी में गुलाबजल मिला कर माथे पर पट्टी करने से स्थिति में सुधार आता है।
  • आधा सीसी के दर्द में 10 मि. लि. गुलाबजल में पिसा हुआ 1 ग्राम नौसादर मिला लें। फिर 2-2 बूंदें नाक में टपका कर सांस जोर से खींचें। कुछ ही देर में आधा सीसी का दर्द दूर हो  जाएगा।
  • ˜शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए गुलकंद का नियमित सेवन करना चाहिए।

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