सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए राजीव कुमार

कोलकाता
शारदा घोटाला मामले में कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार सोमवार को सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। सीबीआई ने राजीव कुमार को सोमवार तक हाजिर होने का नोटिस  जारी किया था। रविवार शाम सीबीआई की एक टीम कोलकाता स्थित कुमार के घर पहुंची थी। हालांकि, राजीव कुमार ने सीबीआई को पत्र लिखकर एजेंसी के सामने पेश होने के  लिए और समय मांगा है। कुमार ने पत्र में कहा कि वे तीन दिन की छुट्टी पर हैं, इसलिए वे समन पर हाजिर नहीं हो सके। इससे पहले रविवार को आचार संहिता खत्म होने के बाद  पश्चिम बंगाल सरकार ने राजीव कुमार को बहाल कर दिया था। उन्हें एडीजी, सीआईडी बनाया गया।
राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी एयरपर्ट्स को अलर्ट पर रखा गया है। सीबीआई को शक है कि कुमार देश  छोड़कर जा सकते हैं। ऐसे में इमिग्रेशन एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। इस बीच एडीजी ऑपरेशंस अनुज शर्मा को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। राजीव कुमार 1989 बैच के अधिकारी हैं। करीब 2,500 करोड़ रुपए के शारदा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। इसके प्रमुख आईपीएस राजीव  कुमार थे। उन पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ का आरोप है, जबकि कुमार ने इन तमाम आरोपों को नकार दिया है।

अहम दस्तावेज गायब होने की आशंका :
शारदा चिटफंड घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन 2013 में किया गया था। घोटाले की जांच से जुड़ी कुछ अहम फाइलों और दस्तावेजों के गायब होने की आशंका है। जांच  एजेंसी इसी सिलसिले में पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करना चाहती है। सीबीआई ने कुमार पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का भी आरोप लगाया था। इस पर कुमार और पश्चिम  बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी ने हलफनामे में कहा था कि जांच एजेंसी के आरोप निराधार हैं।

कुमार के लिए धरने पर बैठी थीं ममता :
सीबीआई की टीम 3 फरवरी को कुमार के घर पूछताछ के लिए पहुंची थी। इस दौरान पुलिस ने सीबीआई अफसरों को हिरासत में ले लिया था। ममता, सीबीआई की कार्रवाई के  विरोध में धरने पर बैठी थीं। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और ईमानदारी से जांच में सहयोग  करने का निर्देश दिया था।

2460 करोड़ का शारदा चिटफंड घोटाला :
शारदा ग्रुप से जुड़े पश्चिम बंगाल के कथित चिटफंड घोटाले के 2,460 करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट में  भी यह खुलासा हुआ कि 80 फीसदी जमाकर्ताओं को भुगतान होना बाकी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शारदा ग्रुप की चार कंपनियों का इस्तेमाल तीन स्कीमों के जरिए पैसा इधर- उधर करने में किया गया। ये तीन स्कीम थीं- फि स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट।

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