पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड की भिड़ंत

लंदन
इंग्लैंड की टीम गुरुवार को जब 2019 विश्व कप के शुरुआती मैच में साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी तो यह उसकी पिछले चार वर्षों की योजनाओं की भी परीक्षा होगी। ऑस्ट्रेलिया और न्यू  जीलैंड में 2015 में हुए वर्ल्ड कप में टीम का पहले दौर में बाहर होना इंग्लैंड के लिए इतना शर्मनाक रहा कि इसने उन्हें सफेद गेंद के खेल के प्रति उनके रवैये के बारे में सोचने पर  बाध्य कर दिया। इसके बाद से बदलाव इतना शानदार रहा कि इयोन मोर्गन की टीम वनडे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में टॉप पर पहुंची और दो बार उसने वनडे में नए रेकॉर्ड के साथ सबसे  बड़ा स्कोर भी खड़ा किया जो छह विकेट पर 481 रन है। इंग्लैंड ने सुधार के क्रम में सबसे ज्यादा ध्यान बल्लेबाजी पर दिया जिससे शीर्ष 7 में उसके पास जेसन रॉय, जानी  बेयरस्टो, जो रूट और मोर्गन तथा जोस बटलर के रूप में ऐसे खिलाड़ी हैं, जो पलक झपकते ही एक पारी का रुख बदल सकते हैं। इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल रशीद ने कहा, इस  टीम का हिस्सा होना अद्भुत अहसास है क्योंकि आपके चारों ओर विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और प्रतिद्वंद्वी भले ही 370 के करीब स्कोर बना दें लेकिन ड्रेसिंग रूम में सभी  आत्मविश्वास से भरे होते हैं कि हम इस लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी के अंदर कोई हिचकिचाहट नहीं है। हम सभी आत्मविश्वास से भरे रहते हैं कि हम  ऐसा कर सकते हैं। हम पिछले 4 वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, उसी पर अडिग रहेंगे। उम्मीद करते हैं कि यह विश्व कप हमारे लिए अच्छा रहेगा। वहीं दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने  वर्ल्ड कप में काफी निराशा झेली है, लेकिन चार साल तक सेमीफाइनल में हारने से वे इस बार सतर्क होकर मैदान में उतरेंगें साउथ अफ्रीका के कोच ओटिस गिŽसन मानते हैं कि  सारा दबाव टूर्नमेंट के मेजबान देश पर है। उन्होंने कहा कि मेजबानों के खिलाफ खेलना और वो भी नंबर एक टीम के खिलाफ, टूर्नामेंट की बेहतर शुरुआत होगी, क्योंकि इससे हमें  पता चल जाएगा कि हम कैसे हैं और हमें आगे क्या करने की जरूरत है। वेस्ट इंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज गिŽसन ने कहा कि टूर्नामेंट जीतने के लिए आपको नंबर-1 टीम होने की  जरूरत नहीं है और कभी कभार आप टूर्नामेंट जीत सकते हो और आप शीर्ष टीम भी नहीं होते। कप्तान फाफ डु प्लेसिस की साउथ अफ्रीकी टीम में संन्यास ले चुके स्टार बल्लेबाज  एबी डि विलियर्स मौजूद नहीं है, लेकिन शीर्ष क्रम में उनके पास क्विंटन डि कॉक जैसा प्रतिभाशाली धुरंधर मौजूद है। पेसर डेल स्टेन गुरुवार को होने वाले मुकाबले में साउथ अफ्रीका  के पास नहीं होंगे क्योंकि वह कंधे की चोट से उबर रहे हैं लेकिन टीम हाल के दिनों में उसकी अनुपस्थिति की आदी हो गई है। वहीं इस मैच से पहले सबसे अहम चीज उनके लिए पेसर कागिसो रबाडा का फिट होना है, जो पीठ की चोट से परेशान थे।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget