दिल्लीवालों ने देखा नाकामपंथी मॉडल : मोदी

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में दिल्ली की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से हमारे देश में चार राजनीतिक  कल्चर देखे गए। पहला नामपंथी, इनके लिए वंश और विरासत का लाभ ही विजन था। दूसरा वामपंथी, इनके लिए विदेशी विचार, विदेश व्यवहार रोजी-रोटी विजन है। तीसरा दाम   और दमनपंथी, इनके लिए गुंडातंत्र, गनतंत्र ही गणतंत्र की परिभाषा है। दिल्ली देश का वह इकलौता राज्य है, जिसने पॉलिटिकल कल्चर का एक पांचवां मॉडल भी देखा है। यह पांचवां  मॉडल है नाकामपंथी। ये लोग दिल्ली के विकास से जुड़े हर काम को ना कहते हैं और जो काम करने की कोशिश करते हैं, उसमें नाकाम रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नाकामपंथी मॉडल ने ना सिर्फ अराजकता फैलाई, बल्कि देश के लोगों के साथ विश्वासघात किया। इन नाकामपंथियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े  आंदोलन को नाकाम करने का पाप किया। देश के सामान्य नागरिक की छवि को इन नाकामपंथियों ने बदनाम करके रख दिया है। करोड़ों युवाओं के विश्वास और भरोसे को इन   लोगों ने चकनाचूर कर दिया। इन्होंने देश में नई राजनीति के प्रयासों को भी नाकाम किया है। ये लोग देश बदलने आए थे, लेकिन खुद ही बदल गए।

कांग्रेस के करीबियों ने भी वंशवाद का झंडा बुलंद रखा
मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नामदार परिवार की चौथी पीढ़ी को आज देश देख रहा है। ये वंशवादी प्रवृत्ति सिर्फ एक परिवार तक ही सीमित नहीं रही। जो इस परिवार के करीबी रहे,  उन्होंने भी वंशवाद का झंडा बुलंद रखा। दिल्ली में दीक्षित वंश, हरियाणा में हुड्डा वंश और वहां से लेकर भजनलालजी और बंसीलालजी तक सिर्फ वंशवाद की सियासत चल रही है।  पंजाब में डेरा चीफ, राजस्थान में गहलोत-पायलट परिवार, मध्यप्रदेश में सिंधिया-कमलनाथ दिग्विजय परिवार वंशवाद का नारा बुलंद कर रहे हैं।

महामिलावटी दलों में भी वंशवाद की विकृति : मोदी
उन्होंने कहा कि ये विकृति कांग्रेस के साथ दूसरे महामिलावटी दलों में भी फैली हुई है। जम्मू- कश्मीर में अब्दुल्ला-मुफ्ती वंश, यूपी में मुलायम और बिहार में लालूजी के नाम पर पार्टियां चल रही हैं। महाराष्ट्र में पवार, तमिलनाडु में करुणानिधि, आंध्र में नायडू भी उसी वंशवाद का झंडा उठाए हुए हैं। ये वंशवादी नेता सामाजिक न्याय और छदम्म धर्मनिरपेक्षता  की आड़ में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। गरीबी से उठे लोगों को इन पार्टियों में बची-खुची जगह में अर्जेस्ट होना पड़ता है। जिन पार्टियों की सोच ही प्रतिभा को कुचलने की हो, वे 21वीं  सदी के भारत की सोच का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकती हैं।

मोदी ने जीएसटी की तारीफ की
उन्होंने कहा कि जीएसटी ने देश में टैक्स का जाल खत्म किया। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि इंस्पेक्टर राज से लोगों को मुक्ति मिले। जो महंगाई देश के हर चुनाव में  सबसे बड़ा मुद्दा होती थी, उस पर विपक्ष आज चाहकर भी कुछ बोल नहीं पा रहा है।

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