शिवसेना को मोदी कैबिनेट में तरजीह मिलने की उम्मीद

मुंबई
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल केवल एक मंत्री पद पा सकी शिवसेना को इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में ज्यादा तरजीह मिलने की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना से  गठबंधन के बाद दोनो ही दल में बेहतर सामंजस्य बना है। इसके चलते चर्चा है कि शिवसेना को इस बार दो कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का पद मिल सकता है। एनडीए में शिवसेना  दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके फिर से 18 सांसद चुने गए हैं। पिछली सरकार में शिवसेना को एक कैबिनेट के अलावा एक राज्यमंत्री का ऑफर दिया गया था। शिवेसना सचिव  राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए दिल्ली भी भेजा गया था लेकिन, जब यह पता चला कि कैबिनेट नहीं राज्यमंत्री पद मिलेगा, तब अनिल देसाई को  एयरपोर्ट से ही वापस मुंबई बुला लिया गया था। पिछले मोदी मंत्रिमंडल में शिवसेना के एकमात्र मंत्री रहे अनंत गीते इस बार रायगड से चुनाव हार गए हैं। इसी तरह औरंगाबाद से  चंद्रकांत खैरे, शिरूर से शिवाजी आढ़लराव पाटिल को भी पराजय मिली हैं। यह सभी शिवसेना के अनुभवी सांसद रहे हैं। इसके बावजूद नए लोगों के चुनकर आने से शिवसेना ने पूर्व  की अपनी संख्या को बरकरार रखा है। वहीं, एक साथ आने से भाजपाशिवसेना के बीच संबंध फिर मधुर हो गए हैं, इसलिए केंद्र में मंत्री बनने के लिए शिवसेना के कई सांसद कतार  में हैं। इसके मद्देनजर शिवसेना के सांसदों ने अभी से ही लॉबिंग शुरु कर दी है। वैसे दक्षिण मुंबई से शिवसेना सांसद अरविंद सांवत, वाशिम-बुलढाणा से सांसद भावना गवली, और  रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से सांसद चुने गए विनायक राऊत का नाम मंत्रीपद की दौड़ में शामिल है। शिवसेना संसदीय दल के नेता और प्रवक्ता संजय राऊत और पिछली बार मंत्रीपद की  शपथ लेने से वंचित रहे अनिल देसाई को मातोश्री से हरीझंडी मिल सकती है।
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