अमेरीका ने भारत को मुद्रा निगरानी सूची से हटाया

वॉशिंगटन
अमेरिका ने उसकी मुद्रा से जुड़ी प्रमुख चिंताओं का निराकरण होने के बाद भारत को मुद्रा निगरानी वाले देशों की सूची से हटा दिया है। भारत सरकार की ओर से उठाए गए कदमों  का जिक्र करते हुए अमेरिका ने यह कदम उठाया।
अमेरिका ने भारत को पहली बार मई 2018 में इस सूची में डाला था। मुद्रा विनिमय नीतियों से जुड़ी आशंकाओं के चलते उसे सूची में रखा गया था। भारत के अलावा अमेरिका ने  स्विट्जरलैंड को भी इस सूची से हटाया है। इस सूची में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, इटली, आयरलैंड, सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम सहित अन्य देश शामिल है।  अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने प्रमुख व्यापार भागीदारों की विदेशी मुद्रा विनिमय नीतियों तथा वृहद आर्थिक कारकों पर संसद को भेजी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में कहा कि इस रिपोर्ट में  भारत को निगरानी सूची से बाहर किया जाता है। भारत ने लगातार दो रिपोर्ट में तीन मानदंडों में से सिर्फ एक को पूरा किया है। इसमें कहा गया है कि 2017 में शुद्ध रूप से विदेशी  मुद्रा खरीदने के बाद केंद्रीय बैंक ने 2018 में अधिकांश विदेशी मुद्रा भंडार बेच दिया। वित्त विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)  मानदंड़ों के अनुरूप पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार रखा है। रिपोर्ट में कहा गया, 'न तो भारत और न ही स्विट्जरलैंड को, अक्टूबर 2018 की रिपोर्ट के साथ ही इस रिपोर्ट में भी एकतरफा  दखल देने का जिम्मेदार पाया गया है। इस कारण भारत और स्विट्जरलैंड दोनों को मुद्रा की निगरानी सूची से बाहर किया जाता है।' भारत के साथ ही पांच अन्य देशों चीन, जर्मनी,  जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड को भी इस सूची में शामिल किया गया था।

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