छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा : सीएम

पी जी मेडिकल प्रवेश का मामला


मुंबई
पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन में इस बार मराठा आरक्षण के अनुसार प्रवेश नहीं होगा। पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठम्यक्रम में कुल 972 एडमिशन होते हैं। इनमें सरकारी और निजी  को मिलाकर कुल 213 जगह मराठा छात्रों को मिलनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से छात्रों में निराशा है। कोर्ट के फैसले से मराठा विद्यार्थी आक्रमक हो गए है, लेकिन छात्रों  के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। यह बात राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कही। शुक्रवार को मराठा समाज के छात्रों ने वर्षा बंगले पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।  इधर प्रवेश से वंचित रह गए मराठा समाज के छात्र आजाद मैदान पर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि हमें आश्वासन नहीं, बल्कि मेडिकल सीट चाहिए।
दरअसल बंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि इस वर्ष पीजी मेडिकल सीटों में प्रवेश के लिए मराठा आरक्षण लागू नहीं होगा। सरकार ने मराठा समाज को  सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) में शामिल कर उन्हें 16 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था। बेंच ने आदेश में कहा है कि 27 मार्च को एसईबीसी कोटे  के तहत दंत चिकित्सक और मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स के लिए जो संभावित सूची जारी की गई थी, वह अवैध है।
महाराष्ट्र में एसईबीसी कोटे के तहत पीजी मेडिकल सीटों के लिए आरक्षण अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगा। इन कोर्स के लिए इसी वर्ष से एसईबीसी कोटे से एडमिशन देने को लेकर नागपुर पीठ में याचिका दाखिल कर चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने मराठा आरक्षण को गैरसंवैधानिक बताया था। उनकी दलील थी कि मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स की  एडमिशन की प्रक्रिया अक्टूबर 2018 में शुरू हो गई थी, जबकि सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) को आरक्षण देने का कानून नवंबर 2018 में लागू हुआ।  इसलिए मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स के लिए मराठा आरक्षण के तहत एडमिशन इस शैक्षणिक वर्ष से नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार ने नागपुर पीठ के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट  में चुनौती दी, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने नागपुर पीठ के फैसले को बरकरार रखा।

दोबारा करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया
पीजी मेडिकल एडमिशन के दो राउंड हो चुके थे, लेकिन अब सरकार को बिना एसईबीसी कोटे के प्रवेश प्रक्रिया दोबारा आयोजित करनी होगी। सरकार इस साल केंद्र से मेडिकल सीट  का कोटा बढ़ाने की मांग करेगी। प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार इस साल कोटा बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी और अगले साल से एसईबीसी के 16  फीसदी आरक्षण के तहत प्रवेश में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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