सूखे को लेकर सीएम फड़नवीस गंभीर

मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने सूखे से निपटने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने और जिन जगहों पर टैंकर शुरू है, वहां मांग के अनुसार नियमित एवं योग्य मात्रा में पानी पहुंचाने की  हिदायत दी है। साथ ही नागरिकों की ओर से किसी भी प्रकार की शिकायत न आए इस बात की ओर अधिकारियों को ध्यान देने को कहा है। मंगलवार को सीएम फड़नवीस ने  मुख्यमंत्री आवास वर्षा बंगले पर सूखे को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान सीएम फड़नवीस ने नांदेड़, वर्धा, और वासिम जिले के सूखाग्रस्त तहसील के सरपंचों से  मोबाइल से संवाद साधा। इस संवाद के माध्यम से तकरीबन 20 से अधिक सरपंचों की शिकायतें एवं सुझाव सुने। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सुझावों की स्थानीय प्रशासन  दखल ले रहा है और उस पर तत्काल कार्यवाही करने की सूचना उन्हें दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी की किल्लत है, वहां मांग के अनुसार टैंकर शुरू करें। साथ ही  जहां पर अधिक टैंकर की मांग है, वहां निरीक्षण कर तत्काल कार्यवाही करें। साथ ही आवश्यक वहां पर चारा छावनी शुरू की जाए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि वर्ष 2018 की जनसंख्या के अनुसार मवेशियों की संख्या को ध्यान में रखकर टैंकर शुरू किया जाए। टैंकर की फेरी नियमित होगी, इस ओर गट  विकास अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। दुरुस्ती के अभाव में ठप जलापूर्ति योजनाएं शुरू करने के संदर्भ में योग्य कार्यवाही प्रशासन की ओर से की जाए। जलापूर्ति योजनाओं के  अधूरे काम तत्काल पूरा करें। नांदेड जिले के रोहयो में 942 काम शुरू हैं और 19 हजार 584 काम शेल्फ पर हैं। इसलिए आवश्यक वहां पर रोहयो के काम शुरू किए जाएं। फड़नवीस  ने कहा कि सरपंचों द्वारा की गई शिकायतों की ओर तत्काल ध्यान देते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस पर कार्यवाही की जाए। साथ ही सूखे से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव तथा सूचनाओं के लिए सरपंचों को व्हॉटसअप नंबर दिया गया है। इस पर प्राप्त शिकायतों की दखल  लेते हुए जिला प्रशासन, जिला परिषद को संवेदनशील पद्धति से काम करना  चाहिए। नांदेड जिले के मुखेड, देगलूर और उमरी तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है और इन तीनों तहसील के गांवों की संख्या 306 है। सूखा घोषित किए गए मुखेड तहसील में  51 टैंकर, देगलूर में 2 टैंकर, उमरी तहसील में 1 टैंकर शुरू है। जिले में पीने के पानी की किल्लत के निवारण आज आखिर 11 बोरवेल, 869 कुओं एवं बोरवेल का अधिग्रहण कर  जलापूर्ति सुचारू रूप से करने के लिए सतर्क किया गया है। पीने के पानी की जलापूर्ति योजनाओं की 1.83 करोड़ रुपए बिजली बिल की रकम महावितरण कंपनी को बिजली बिल के  रूप में दी गई है। इन योजनाओं की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से की गई है। नांदेड जिले के सूखाग्रस्त तीन तहसील के 1 लाख 55 हजार 741 किसानों को 86.91 करोड़ रुपए सूखा  निधि का वितरण किया गया है।
नांदेड जिले के कुल 10,92,600 किसानों ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण किया था। अब तक 37,378 पात्र किसानों को 17.34 करोड़ रुपए रकम अदा की गई है।  प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अंतर्गत पंजीकरण किए गए 2.52 लाख किसानों में से 1.13 लाख किसानों को पहली किस्त के रूप में कुल 22.52 करोड़ रुपए आर्थिक मदद दी  गई है। शेष किसानों को इस योजना का लाभ देने की कार्यवाही शुरू है। इसके अलावा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 942 कार्य शुरू हैं और  वहां पर 13 हजार 512 मजदूर काम कर रहे हैं। रोहयो के अन्य 28 प्रकार के कामों को मंजूरी भी दी गई है। इस दौरान मुख्य सचिव अजोय मेहता, जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य  सचिव श्यामलाल गोयल, जलसंसाधन विभाग के सचिव एकनाथ डवले, मदद एवं पुनर्वसन विभाग के सचिव किशोर राजे निंबालकर, सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के सचिव तथा महासंचालक ब्रिजेश सिंह आदि उपस्थित थे।

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