पार्टी के बाद राधाकृष्ण विखे पाटिल के परिवार में बढ़ा विवाद

छोटे भाई ने राधाकृष्ण विखे की संस्था द्वारा जाकिर नाईक को दिए गए डोनेशन की जांच की मांग की


मुंबई
विपक्षियों से राजनीतिक लड़ाई लड़ने वाले महाराष्ट्र विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल अब परिवार को लड़ाई में फंस गए है। पाटिल के छोटे भाई अशोक विखे पाटिल ने राधाकृष्ण विखे पाटिल के नेतृत्व में चलने वाली संस्था की जांच की मांग की है। मंगलवार को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर विखे पाटिल के भाई अशोक विखे ने मांग की  है कि विखे की संस्था द्वारा जाकिर नाईक की मेडिकल ट्रस्ट को दिए गए डोनेशन की पूरी जांच होनी चाहिए। साथ ही मांग पूरा न होने पर आगामी 20 मई को विठ्ठलराव विखे   पाटिल के स्मारक के सामने आमरण अनशन करने की धमकी उन्होंने दी है।
विखे पाटिल के परिवार का विवाद अब घर से बाहर सड़क पर आ गया है, जिसका नजारा अहमदनगर लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार और राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे  सुजय विखे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे राकांपा के उम्मीदवार के चुनाव प्रचार के वक्त देखने को मिला था, जब सुजय के चाचा अशोक विखे ने राकांपा के मंच पर जाकर सुजय के  खिलाफ चुनाव प्रचार किया। इसी को लेकर दोनों भाइयों में ठन गई है और छोटे भाई अशोक विखे बड़े भाई राधाकृष्ण विखे की संस्था की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। बेटे सुजय  को पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी को महाराष्ट्र विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता पद से इस्तीफा भेज दिया था, जिसे पार्टी  अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 23 मई को आने वाले चुनाव नतीजों के बाद विखे पाटिल भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि विखे  पाटिल के छोटे भाई जिस जाकिर नाईक की संस्था को डोनेशन देने की जांच की मांग की है, उस संस्था को राज्य सरकार ने प्रतिबंध कर दिया है। सांप्रदायिक भड़काऊ भाषण देने के  खिलाफ संस्था के संस्थापक जाकिर नाईक को सरकार भारत देश में आने पर पाबंदी लगा दी है।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget