तरक्की के लिए प्रयास आपको ही करने होंगे

दफ्तर के माहौल और लोगों के व्यवहार को समझना तथा अपनी तरक्की की राह बनाना रोज का संघर्ष है, लेकिन यह बेहतरीन सीख का जरिया भी है, जो आपकी समझ और प्रगति  दोनों का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे बचने के बजाय, समझें।

व्यवहार के उतार-चढ़ाव को समझें
अच्छा और बुरा दिन किसी का भी हो सकता है और इसका असर किसी के भी व्यवहार में दिख सकता है। रोज न सही, लेकिन अगर कभी किसी के व्यवहार में परिवर्तन देखें, तो  उसके व्यवहार को दिल पर न लें।

धीरज से काम लें
कभी वातावरण में शोर या जो आपको न भाएं, ऐसी बातें हो रही हों, तो ख़ुद को शांत रखना थोड़ा मुश्किल होता है। पूरा ध्यान काम पर लगाएं। हो सके, तो सहकर्मियों से आवाज  धीमी करने का निवेदन करें।

ख़ुद पर न लें, बात करें
कई दफा ख़ुशमिजाज व्यक्ति के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिलते हैं, जो उनके सामान्य व्यवहार से पूरी तरह अलग होते हैं। हो सकता है कि वह किसी निजी कारण से  परेशान हो। ऐसे में ख़ुद को उनके रूखे व्यवहार की वजह मानने से बेहतर है सीधे बात करके सामने वाले की परेशानी जानें। इससे सामने वाले को भी अच्छा लगेगा और माहौल भी  सकारात्मक बनेगा।

तुलना से न डरें, प्रयास करें
ज्यादातर नकारात्मक वातावरण का कारण सहकर्मी से तुलना करना भी हो सकता है। कई बार दो सहकर्मियों के काम को लेकर तुलना की जाती है। इसके कारण जानने की कोशिश  करें। हो सकता है कि कार्य प्रदर्शन में कहीं आप अपेक्षित नतीजे न दे पा रहे हों। दूसरे की प्रशंसा क्यों की जा रही है, इसे भी समझें और बेहतर प्रदर्शन की चेष्टा करें। अगर संस्थान  आपको बेहतर होने या आगे बढ़ने के अवसर दे रहा है, तो इसका उपयोग करें। बहुत सारे लोगों को तो मौके ही नहीं मिलते, इस बात का ध्यान रखें।

समय से चलना गलत नहीं
यदि आप समय पर आकर अपना कार्य पूरा करते हैं और वक्त पर घर लौटते हैं तो इसमें कहीं से कहीं तक कोई बुराई नहीं है। समय से आना और समय पर जाना गलत नहीं है,  लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अपना पूरा काम समय पर कर रहे हों। काम के प्रति लगाव बनाएं काम को बेहतर करने के लिए, अपने क्षेत्र में तरक्की करने का नजरिया रखें। इससे केवल छवि ही नहीं संवरती, आगे बढ़ने की राह भी बनती है। यदि तरक्की पसंद नजरिया नहीं होगा, आगे बढ़ने और अपने काम को बेहतर ढंग से करने के  लिए आवश्यक जानकारी जुटाना मकसद नहीं होगा, तो निश्चित रूप से ऐसा माहौल बनेगा, जो आपको परेशान करे।

अपनी दक्षता के झंडे गाड़ें
कार्यक्षेत्र चाहे कोई-सा भी हो, उसमें निरंतर दक्षता की ओर अग्रसर हुए बिना अपनी जगह नहीं बनाई जा सकती। सफल लोगों की हजारों मिसालें हैं, जो अपने काम में दिनों-दिन  तरक्की केवल इसीलिए कर पाए, क्योंकि वे हर काम को हर रोज, हर क्षण बेहतर, और बेहतर करते गए।

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