फैसलों को अमल में न लाने पर राज्य की घटती है जीडीपी : मुख्यमंत्री

मुंबई
राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में हुए निर्णय का बैंक द्वारा अमल करना जरुरी हैं। बैठक केवल औपचारिकता नहीं बल्कि खेती घटक कमजोर होने पर जीडीपी पर असर होता  है। बुधवार को सहाद्रि अतिथि गृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमे शामिल बैंकर्स अधिकारियों को  निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि खेती को लेकर किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए बैंकों द्वारा पैसों की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के 4 लाख 24  हजार 29 करोड़ रुपयों के वार्षिक क्रेडिट आपूर्ति प्रारूप को मंजूरी प्रदान की गई। वर्ष 2019-20 के लिए मंजूर किए गए 4 लाख 24 हजार 29 करोड़ रुपयों के कुल वार्षिक क्रेडिट आपूर्ति के प्रारूप में कॄषि क्षेत्र के लिए 87 हजार 322 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल प्रस्तुतिकरण के लिए यह राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की  बैठक नहीं है। इस बैठक में जो निर्णय होते हैं, उन्हें बैंक द्वारा उनके क्षेत्रीय स्तरों की शाखाओं तक पहुंचाना चाहिए। बैंक द्वारा खेती और किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी  होगी। उद्दिष्टपूर्ति के लिए जिम्मेदारी निश्चित की जाए। बैंक कर्मचारियों ने भी किसानों के साथ अच्छा बरताव करना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति करें, ताकि किसानों को  फसल कर्ज लेते समय दिक्कतें नहीं आएंगी। सीएम ने कहा कि शाश्वत खेती के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना चाहिए। बैंक का फसल कर्ज का उद्दिष्ट और साध्य इन दोनों में फर्क  न हो। किसानों के लिए बैंकों की भावना बदलना आवश्यक है, ऐसा कहते हुए अदिकाधिक फसल कर्ज का वितरण होना चाहिए।. राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में लिए गए  निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की शाखाओं तक पहुंचाने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। केंद्र सरकार की मुद्रा बैंक, प्रधानमंत्री जनधन योजना, स्टॅण्ड अप  इंडिया, अटल पेन्शन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योती बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं की क्रेडिट आपूर्ति के काम में भी सुधार होना चाहिए।
बैठक में शामिल राज्य के कृषि मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर होने वाली बैठकों को बैंक द्वारा वरिष्ठ अधिकारी को भेजकर ऑन द स्पॉट समस्याओं का निपटारा  करना होगा। किसानों की शिकायतों का निपटारा स्थानीय स्तर पर होने के बाद ही उन्हें राहत मिलेगी। कर्मचारियों की संख्या बढाते हुए जून जुलाई महीने में अतिरिक्त कर्मचारी  नियुक्त कर फसल बीमा समय पर देने की व्यवस्था करें। बैठक में राज्य प्रशासन के विविध विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विविध राष्ट्रीयकृत बैंकों के वरिष्ठ   अधिकारी उपस्थित। इस अवसर पर बैठक में राज्य के वित्त राज्य मंत्री दीपक केसरकर, महाराष्ट्र बैंक के व्यवस्थापकीय संचालक एएस राजीव समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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