राहुल के गुरु ने मांगी माफी

नई दिल्ली
1984 के सिख दंगों के संबंध में सैम पित्रोदा के 'हुआ तो हुआ' वाले बयान पर मचे विवाद के बाद कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को माफी मांग ली। पित्रोदा ने कहा, 'मेरी हिंदी अच्छी नहीं  है, इसलिए मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया गया। मेरे कहने का मतलब था कि 'जो हुआ वो बुरा हुआ', मैं अपने दिमाग में बुरा का अनुवाद नहीं कर सका था।' उन्होंने कहा,  'मुझे दुख है कि मेरा बयान गलत ढंग से पेश किया गया। मैं माफी मांगता हूं।'
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गुरु कहे जाने वाले सैम पित्रोदा के इस बयान को लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग अपनी  सभी रैलियों में पित्रोदा के बयान का जिक्र कर निशाना साधा। हरियाणा की एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा, कल, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि 1984 दंगा हुआ तो हुआ। 

यह तीन शŽद कांग्रेस के अहंकार को दर्शाते हैं
पंजाब के होशियारपुर में उन्होंने कहा कि तीन दशकों से सिख भाइयों और बहनों को इंसाफ नहीं मिला और अब कांग्रेस कहती है कि 'हुआ तो हुआ।' चुनावी मौसम में दिल्ली में  वोटिंग से पहले मामले के तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस के सैम पित्रोदा पत्रकारों के सामने आए और उन्होंने मांफी मांगी। कांग्रेस ने कहा कि हमारे समाज में हिंसा के लिए  कोई जगह नहीं है। पार्टी की तरफ से कहा गया कि कांग्रेस पार्टी और इसके नेतृत्व ने हमेशा 1984 के दंगा पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित किया है। कांग्रेस ने कहा कि इस संबंध  में सैम पित्रोदा की तरफ से आया बयान कांग्रेस पार्टी की राय नहीं है।

मनीष तिवारी बोले, बयान दुर्भाग्यपूर्ण
कांग्रेस के बयान से पल्ला झाड़ने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर सैम पित्रोदा के बयान पर खेद जताया। उन्होंने लिखा, 'दिल्ली में 1984 के दंगे मानवता पर  धब्बा हैं। सैम पित्रोदा का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है। एक पार्टी के तौर पर कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह लगातार कहते रहे हैं कि दोषियों को कानून के  दायरे में लाया जाना चाहिए।' वहीं, दिल्ली में भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 12 तुलगक लेन स्थित निवास पर हल्ला बोलकर प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने सिख दंगों पर  पूर्व पीएम राजीव गांधी के दिए गए बयान से भी पार्टी को निशाने पर लिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि पित्रोदा की टिप्पणियां 'हैरान' करने वाली है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि सैम पित्रोदा ने क्या कहा है, किस संदर्भ में उन्होंने ऐसा बयान दिया है। लेकिन, यह दुखद है, यह एक भयानक बात है। पंजाब के सीएम ने कहा कि किसी को नहीं पता कि प्रधानमंत्री की हत्या के बाद हुए उस नरसंहार में  वास्तव में कितने लोग मारे गए थे। कैप्टन अमरिंदर ने कांग्रेस के पूर्व नेताओं अर्जुन दास, ललित माकन, एचकेएल भगत (राजीव गांधी सरकार में पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री),  सज्जन कुमार (अब सजायाफ्ता) के साथ और बिना नाम बताए एक अन्य नेता का उल्लेख किया था। कांग्रेस ने इस मामले में माफी मागकर मामले को शांत करने की कोशिश की  है, लेकिन भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और १९८४ के सिख नरसंहार को लेकर कांग्रेस पर आक्रामक है।

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget