उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में शिवसेना नेताओं की हुई बैठक

मुंबई
2019 के लोकसभा चुनाव में भारी जीत से उत्साहित भाजपा की प्रमुख सहयोगी दल शिवसेना ने सोमवार को मातोश्री में चुनाव समीक्षा की बैठक बुलाई। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव  ठाकरे की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में लोकसभा चुनाव में विजयी और पराजित उम्मीदवार के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  शिवसेना की हुई इस बैठक में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के अलावा राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई, जिसमें उध्दव ठाकरे ने पार्टी  नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन कुछ कारणों के चलते हमारे पांच उम्मीदवार पराजित हुए, जिसकी समीक्षा करनी  चाहिए की चुनाव के वक्त कहा कमी रह गई। ठाकरे ने नेताओं से राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग जाने और राज्य में पड़े भीषण अकाल से निपटने के लिए  अकाल पीड़ितों की मदद करने की बात कही। मातोश्री में हुई शिवसेना की बैठक में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, मंत्री एकनाथ शिंदे,  सुभाष देसाई, दिवाकर रावते, सचिव और राज्यसभा सांसद अनिल देसाई, सांसद गजानन कीर्तिकर, अरविंद सावंत सहित सभी नवनिर्वाचित सांसद और वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। इस  मौके पर 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोबारा गठित होने वाली नई सरकार में शिवसेना के कोटे से किसे मंत्री बनाकर भेजा जाय और मानसून सत्र से पहले राज्य में होने  वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की गई।

आदित्य ठाकरे को विधानसभा चुनाव लड़ाने की मांग
आगामी विधानसभा चुनाव में शिवसेना के युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को मैदान में उतारने की मांग होने लगी है। सोशल मीडिया के जरिए युवा सेना के महासचिव वरुण देसाई  ने यह मांग की है। देसाई के इस पोस्ट से राज्य की राजनीति गरमा गई हैं। लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया है कि क्या ठाकरे की वर्षों से चली आ रही परंपरा को आदित्य  ठाकरे तोड़ेंगे या पुरानी परंपरा बरकरार रहेगी। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी आदित्य ठाकरे की चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर थी। कहा गया था कि वे उत्तर- मध्य मुंबई या उत्तर-पश्चिम मुंबई से चुनाव लड़ सकते हैं। गौरतलब है कि ठाकरे परिवार ने आज तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे हमेशा किंगमेकर की  भूमिका में रहे। उसके बाद उद्धव ठाकरे के कई बार चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई गईं, लेकिन उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा। यहां तक की शिवसेना से अलग होकर महाराष्ट्र  नवनिर्माण सेना का गठन करने वाले राज ठाकरे ने भी कोई चुनाव नहीं लड़ा है। आदित्य ठाकरे ने मुंबई जिला फुटबॉल एसोसिएशन का चुनाव जीता है।
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