विपक्ष का EVM पर हंगामा, जनादेश का अपमान : शाह

नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से महज एक दिन पहले तक ईवीएम पर मचा हंगामा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्षी दलों द्वारा बार-बार इस पर सवाल उठाए जाने के  बीच अब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। शाह ने सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों से सवाल पूछे हैं। इनमें उन्होंने ईवीएम के विरोध  को देश की जनता के जनादेश का अनादर बताया है। साथ ही शाह ने लिखा है कि 22 विपक्षी पार्टियां ऐसा हार की बौखलाहट में कर रही हैं। शाह ने अपने पहले सवाल में पूछा कि  ईवीएम की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाने वाली अधिकांश विपक्षी पार्टियों ने कभी न कभी ईवीएम द्वारा हुए चुनावों में विजय प्राप्त की है। अगर उन्हें ईवीएम पर विश्वास नहीं है,  तो इन दलों ने चुनाव जीतने पर सत्ता के सूत्र को क्यों संभाला?
दूसरे सवाल में शाह ने लिखा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने 3 से ज्यादा पीआईएल का संज्ञान लेने के बाद चुनावी प्रक्रिया को अंतिम स्वरूप दिया है, जिसमें कि हर विधानसभा क्षेत्र  में 5 वीवीपैट को गिनने का आदेश दिया है। तो क्या आप लोग सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर भी प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं? तीसरे सवाल में शाह ने लिखा कि मतगणना के सिर्फ 2  दिन पहले 22 विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग पूर्णत: असंवैधानिक है, क्योंकि इस तरह का कोई भी निर्णय सभी दलों की सर्वसम्मति के बिना मुमकिन नहीं  है।
चौथे सवाल में भाजपा अध्यक्ष ने लिखा कि विपक्ष ने ईवीएम के विषय पर हंगामा 6 चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद शुरू किया। एग्जिट पोल के बाद यह और तेज हो गया।  एग्जिट पोल ईवीएम के आधार पर नहीं, बल्कि मतदाता से प्रश्न पूछ कर किया जाता है। इस तरह एग्जिट पोल के आधार पर आप ईवीएम की विश्वसनीयता पर कैसे प्रश्न उठा  सकते हैं?
अपने पांचवें सवाल में शाह ने पूछा है कि ईवीएम में गड़बड़ी के विषय पर प्रोऐक्टिव कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से चुनौती देकर इसके प्रदर्शन का आमंत्रण  दिया था, लेकिन उसे किसी ने स्वीकार नहीं किया। इसके साथ ही शाह ने यहां वीवीपैट का भी जिक्र किया, जिसके आने के बाद मतदाता मत देने के बाद देख सकता है कि उसका  मत किस पार्टी को रजिस्टर हुआ। प्रक्रिया के इतने पारदर्शी होने के बाद इस पर प्रश्न उठाना कितना उचित है?
अपने आखिरी सवाल में शाह ने उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधते हुए लिखा कि कुछ विपक्षी दल चुनाव परिणाम अनुकूल न आने पर हथियार उठाने और 'खून की नदियां बहाने' जैसे  आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। उन्होंने पूछा कि विपक्ष ऐसे हिंसात्मक और अलोकतांत्रिक बयान के द्वारा वह किसे चुनौती दे रहा है? शाह ने लिखा कि चुनाव का जो भी परिणाण  आए, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यह देश के 90 करोड़ मतदाताओं का जनादेश होगा।

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